Karnataka: 'बुर्का पहनने से कुछ नहीं होता... छोटे कपड़े पहनेंगे को नर्क जाना पड़ेगा...' नाबालिग छात्रा के बयान से मचा बवाल

कर्नाटक के चामराजनगर में विज्ञान प्रदर्शनी के दौरान एक छात्रा के विवादित धार्मिक बयान का वीडियो वायरल हो गया है. सोशल मीडिया पर लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं और सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं, और रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी.

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सांकेतिक फोटो (AI-Generated) सांकेतिक फोटो (AI-Generated)

सगाय राज

  • चामराजनगर ,
  • 24 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 8:15 PM IST

कर्नाटक के चामराजनगर के एक निजी स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी के दौरान एक छात्रा द्वारा दिया गया विवादित धार्मिक बयान सामने आया है. इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया है. वायरल वीडियो में छात्रा कहती हुई सुनी जा सकती है कि अगर आप बुर्का पहनते हैं तो मरने के बाद शरीर को कुछ नहीं होता, लेकिन छोटे कपड़े पहनने पर नर्क में जाना पड़ता है, जहां सांप और बिच्छू शरीर को खा जाते हैं.

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छात्रा के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया है. कई यूजर्स ने इसे शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाने वाला बताया और सरकार से कार्रवाई की मांग की. कई ट्विटर यूजर्स ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार और डीजीपी को टैग कर इस मामले की जांच कराने की अपील की है.

नाबालिग छात्रा का विवादित धार्मिक बयान

चामराजनगर के डीडीपीआई राजेंद्र राजे उर्स ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि वीडियो वायरल हो रहा है, लेकिन हमें पहले इसके पीछे की सच्चाई जाननी होगी. मैंने शहर के बीईओ से बात की है और उन्हें वीडियो भेजकर विस्तृत जांच करने को कहा है. स्कूल प्रशासन, शिक्षकों और छात्रा के प्रवेश संबंधी जानकारी की जांच की जा रही है. तीन घंटे में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है.

स्कूल प्रशासन के अनुसार, छात्रा उनके स्कूल की चौथी कक्षा में पढ़ती है, लेकिन जिस विज्ञान प्रदर्शनी में उसने यह बयान दिया, वह स्कूल द्वारा आयोजित नहीं की गई थी. स्कूल का कहना है कि छात्रा ने कहीं और यह बयान दिया होगा, जिसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी.

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बीईओ ने दिए मामले के जांच के आदेश 

बीईओ इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और मंगलवार तक अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे. शिक्षा विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह बयान कहां और किन परिस्थितियों में दिया गया था.

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