बेंगलुरु: एमनेस्टी के दफ्तर पर CBI ने मारा छापा, FCRA उल्लंघन का आरोप

एमनेस्टी इंटरनेशनल ग्रुप पर नियमों का उल्लंघन करते हुए विदेशी फंडिंग हासिल करने का आरोप है. एमनेस्टी इंटरनेशनल मानवाधिकार के लिए काम करने वाली संस्था है.

सांकेतिक तस्वीर
नागार्जुन /मुनीष पांडे
  • बेंगलुरु,
  • 15 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 7:04 PM IST

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को बेंगलुरु के एमनेस्टी इंटरनेशलल के दफ्तर पर छापा मारा. सीबीआई की ये छापेमारी विदेशी सहायता नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के उल्लंघन को लेकर हुई है. एमनेस्टी इंटरनेशनल ग्रुप पर नियमों का उल्लंघन करते हुए विदेशी फंडिंग हासिल करने का आरोप है. एमनेस्टी इंटरनेशनल मानवाधिकार के लिए काम करने वाली संस्था है.

एमनेस्टी का बयान

छापेमारी के बाद एमनेस्टी ने कहा, केंद्रीय जांच ब्यूरो ने शुक्रवार को बेंगलुरु और नई दिल्ली में एमनेस्टी इंटरनेशनल ट्रस्ट के मामले में एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के दफ्तरों पर छापेमारी की. भारत में मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ एमनेस्टी इंडिया जब जब खड़ा हुआ और बोला तब तब उसका उत्पीड़न किया गया. एमनेस्टी इंडिया भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह पालन करता है. दुनिया की तरह भारत में भी हमारा काम मानवाधिकारों के लिए लड़ना है. हमारे मूल्य वहीं हैं जो भारतीय संविधान में बहुवाद, सहिष्णुता आदि के लिए निहित हैं.

ईडी भी कर चुकी है छापेमारी

सितंबर महीने में मानवाधिकारों की वैश्विक संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल की भारतीय इकाई की ओर से विदेशी मुद्रा नियमों का उल्लंघन करने पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच के बाद उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया था. अधिकारियों ने कहा कि वित्तीय जांच एजेंसी के एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने मूल कंपनी एमनेस्टी इंटरनेशनल यूके को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत नियमों का उल्लंघन कर 51.72 करोड़ रुपये लेने पर नोटिस जारी किया.

विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम के कथित उल्लंघन पर ईडी ने पिछले साल एमनेस्टी इंडिया के बेंगलुरू स्थित कार्यालयों पर छापेमारी की थी. इसके बाद शुक्रवार को सीबीआई ने बड़े स्तर पर छापेमारी की.(आईएएनएस से इनपुट)

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