चुनाव स्थगित होने के कारण राज्यपाल के तहत काम करेगी बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल

हाग्रामा महिलारी के नेतृत्व वाली बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) असम में बीजेपी की सरकार में सहयोगी है. उसने 2003 से बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) पर शासन किया.

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असम के राज्यपाल जगदीश मुखी सीएम सोनोवाल के साथ असम के राज्यपाल जगदीश मुखी सीएम सोनोवाल के साथ

हेमंत कुमार नाथ

  • गुवाहाटी,
  • 28 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 5:52 AM IST

  • बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल को गवर्नर के तहत रखा गया
  • वर्तमान काउंसिल का पांच साल का कार्यकाल सोमवार को समाप्त

असम के बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) को गवर्नर के तहत रखा गया है. वर्तमान काउंसिल का पांच साल का कार्यकाल सोमवार को समाप्त हो गया, जिसके बाद राज्यपाल जगदीश मुखी ने ये फैसला लिया. बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल के चार जिलों - कोकराझार, उदलगुरी, चिरांग और बक्सा में 4 अप्रैल को चुनाव होना तय था, लेकिन असम राज्य चुनाव आयोग ने कोरोना वायरस महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया.

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सोमवार को हाग्रामा महिलारी के नेतृत्व में वर्तमान BTC के कार्यकाल की समाप्ति के मद्देनजर, राज्यपाल जगदीश मुखी ने सार्वजनिक हित में तत्काल प्रभाव से काउंसिल के प्रशासन को संभालने का संकल्प लिया. पिछड़ा वर्ग विभाग के आयुक्त डॉ एम अंगामुथु द्वारा जारी अधिसूचना में राज्यपाल असम सरकार के प्रमुख सचिव राजेश प्रसाद को परिषद और इसके कार्यकारी कमेटी द्वारा किए गए सभी कार्यों और शक्तियों को लागू करने की घोषणा की.

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असम राज्य चुनाव आयोग ने कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल के सामान्य परिषद का चुनाव कराने में असमर्थता व्यक्त की. हाग्रामा महिलारी के नेतृत्व वाली बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) असम में बीजेपी की सरकार में सहयोगी है. उसने 2003 से बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) पर शासन किया. दूसरी ओर, IAS सिद्धार्थ सिंह को बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) के नए प्रिंसिपल सेक्रेटरी के रूप में नियुक्त किया गया.

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बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) का गठन भारतीय संविधान की छठी अनुसूची के तहत शिक्षा, बागवानी और वनों जैसे बोडो जनजातियों के मुद्दों की देखभाल के लिए किया गया था. हालांकि पुलिस, सामान्य प्रशासन और राजस्व पर असम सरकार का नियंत्रण है.

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