जब इस मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि कोऑर्डिनेशन कमेटी ने आनन-फानन में बिना हमसे इजाजत लिए यह तय कर लिया कि वो संसद पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे. इतनी छोटी बात के लिए संसद को घेरने की कोई जरूरत नहीं है.
बीसीआई के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि अगर वकीलों ने संसद घेरने की अपनी घोषणा को वापस नहीं ली, तो कोआर्डिनेशन कमेटी को बार काउंसिल ऑफ इंडिया भंग कर देगी. हम कोआर्डिनेशन कमेटी को इस बात की इजाजत नहीं देंगे कि वह वकीलों को बरगलाए. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है.
बीसीआई के चेयरमैन मिश्रा ने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल के साथ वकीलों की मीटिंग इसलिए विफल हुई, क्योंकि कोआर्डिनेशन कमेटी से जुड़े अध्यक्ष ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण इस मामले को सुलझने ही नहीं दिया. हमारे बार-बार कहने के बावजूद अब तक हड़ताल को खत्म नहीं किया गया है.
बीसीआई के चेयरमैन ने कहा कि बार एसोसिएशन और कोआर्डिनेशन कमेटी में बहुत सारे ऐसे वकील हैं, जो दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए अपना टिकट पक्का करना चाहते हैं. यही कुछ वकील हैं, जो हड़ताल खत्म नहीं होने दे रहे हैं. बार काउंसिल ऑफ इंडिया हर हालात से निपटने के लिए तैयार है.
पूनम शर्मा