बीजेपी नेता अरुण जेटली ने आज दोपहर 12.07 बजे आखिरी सांस ली. अरुण जेटली से भिड़ना कभी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भारी पड़ गया था. जब मानहानि के मुकदमे में अरविंद केजरीवाल को अरुण जेटली से माफी मांगनी पड़ी थी. केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी के 6 नेताओं ने 2015 में अरुण जेटली पर दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) में भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए थे. जिस पर जेटली ने केजरीवाल समेत उनकी पार्टी के नेताओं- कुमार विश्वास, संजय सिंह, राघव चड्ढा, आशुतोष और दीपक बाजपेयी को कोर्ट में घसीटते हुए 10 करोड़ रुपये के मानहानि का केस किया था.
राम जेठमलानी जैसा वकील करने के बाद भी अरविंद केजरीवाल को राहत नहीं मिली थी. बल्कि इसके उलट जेठमलानी ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान अरुण जेटली को अपशब्द कहकर मानहानि का और मुकदमा झेलने के लिए मजबूर कर दिया था. बुरी तरह घिरने पर केजरीवाल ने माफी मांगने में ही भलाई समझी थी.
केजरीवाल ने जेटली के वर्ष 2000 से 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष रहने के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. केजरीवाल के माफीनामे के बाद दोनों पक्षों की तरफ से हाईकोर्ट व पटियाला हाउस कोर्ट में संयुक्त याचिका दायर की गई थी.
माफीनामे में क्या लिखा था केजरीवाल ने
श्रीमान् अरुण जेटली जी,
मैंने आपको और आपके परिवार को लेकर दिसंबर 2015 में कुछ बयान दिया था, जो आपके दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद को लेकर था. ये मामला फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित हैं और दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में भी चल रहा है. मेरे द्वारा दिया गया ये बयान कुछ ऐसे दस्तावेजों और जानकारियों पर आधारित था, जो मुझे कुछ लोगों द्वारा मुहैया कराई गई थी.
हालांकि, अब मुझे पता चल गया है कि जो भी जानकारी मुझे मिली थी वह सही नहीं थी. उन गलत जानकारियों के आधार पर मैंने आपके ऊपर आरोप लगाए थे. इसलिए मेरे द्वारा जो भी आरोप आपके ऊपर लगाए गए थे, उन सभी को वापस लेना चाहता हूं. मानहानि केस की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट में मेरे वकील राम जेठमलानी द्वारा द्वेषपूर्ण बयान दिया गया था, मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी.
इसके अलावा आपके खिलाफ इस मामले में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर लगाए सभी आरोप मैं वापस लेता हूं. इन आरोपों से आपकी छवि को जो भी नुकसान हुआ है मैं उसके लिए आपसे और आपके परिवार से माफी मांगता हूं.
हालांकि हम दोनों दोनों अलग-अलग पार्टियों से जुड़े हुए हैं. मेरा मानना है कि अब हमें इस मुद्दे पर जो बेवजह के मुकदमे चल रहे हैं उसे खत्म कर देना चाहिए और देश के लोगों की सेवा में अपनी क्षमता को लगाना चाहिए.
हार्दिक सादर के साथ
अरविंद केजरीवाल
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