पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ब्यूरो (बीपीआरडी) ने दुश्मन के ड्रोन से होने वाले घातक हमलों से बचने के लिए एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी का काम लगभग पूरा कर लिया है. बीपीआरडी के डीजी वीएसके कौमुदी ने आजतक से बातचीत में यह बात कही है.
उन्होंने कहा कि हम लोग एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी को लेकर काम कर रहे हैं और इस पर लगभग काम हो चुका है. जहां तक इंप्लीमेंटेशन की बात है तो लगभग 1 महीने में इस अध्ययन को समाप्त करके इसका इंप्लीमेंटेशन किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि पिछले 49 सालों से बीपीआरडी की यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रही है कि हमारे देश के सुरक्षा बलों के लिए बेहतर काम किया जाए. इन्हीं तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए ब्यूरो ऑफ पुलिस एंड रिसर्च डेवलपमेंट काम कर रहा है. आज के समय में जिस तरीके से दुश्मन की तरफ से यूएवी का इस्तेमाल हो रहा है. उससे हमारे सामरिक महत्व के संस्थानों को नुकसान पहुंच सकता है.
उन्होंने कहा कि नेशनल असेट्स को भी प्रोटेक्ट करने के लिए विशेष समिति का गठन किया गया है, जिसमें अलग-अलग विभागों के रिप्रेजेंटेटिव हैं. इन सभी को हमारा मॉर्डनाइजेशन डिवीजन देख रहा है. इस पर काफी काम हो चुका है, डेमो भी हो चुका है. तकनीकी दृष्टि से एडवांस काम का अध्ययन किया जा चुका है.
वीएसके कौमुदी ने कहा कि हम सब मिलकर डीजीसीए, इंडियन एयरफोर्स इंटेलिजेंस एजेंसीज, अलग-अलग राज्यों के पुलिस बल और उनके प्रतिनिधियों के साथ मिलकर दुश्मन ड्रोन को रोकने के तरीके पर काम कर रहे हैं.
साथ ही उन्होंने कहा कि बहुत सारे नैनो ड्रोन, जिनका दुरुपयोग विकृत बुद्धि वाले लोगों द्वारा किया जा रहा है उनसे निपटने के लिए भी हमारा मॉर्डनाइजेशन डिपार्टमेंट काम कर रहा है.
जितेंद्र बहादुर सिंह