आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने एपीजे अब्दुल कलाम प्रतिभा पुरस्कार का नाम बदलकर वाईएसआर विद्या पुरस्कार कर दिया था. उनके इस फैसले का विपक्ष ने जमकर विरोध किया. जगन मोहन रेड्डी को अब झुकना पड़ा है. उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया और यह पुरस्कार अब एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से ही दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को महात्मा गांधी, अंबेडकर और जगजीवन राम के नाम से पुरस्कार प्रदान करने का भी आदेश दिया. गौरतलब है कि वाईएस जगनमोहन रेड्डी दिवंगत कांग्रेस नेता और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के बेटे हैं.
आदेश में क्या था
एक सरकारी आदेश जारी करते हुए राज्य के शिक्षा विभाग ने सोमवार को कहा था कि डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्रतिभा पुरस्कार अब वाईएसआर विद्या पुरस्कार के रूप से जाना जाएगा. यह पुरस्कार कक्षा 10 के छात्रों को परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है.
पुरस्कार में मेरिट सर्टिफिकेट, स्मृति चिन्ह और छात्रवृत्ति शामिल होती है. देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जयंती को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है और ये पुरस्कार 11 नवंबर को दिए जाते हैं
फैसले का जमकर विरोध
राज्य सरकार के आदेश का विपक्ष ने विरोध किया और कहा कि ये उनका अहंकार दिखाता है. पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि डॉ कलाम ने राष्ट्र के लिए बहुत कुछ किया. उन्होंने सरकार के फैसले को चौंकाने वाला फैसला बताया. इस पुरस्कार का ऐलान मुख्यमंत्री रहते हुए चंद्रबाबू नायडू ने किया था.
बीजेपी ने भी राज्य सरकार पर हमला किया और इसे जगन मोहन रेड्डी का अहंकार बताया और कलाम के लिए अपमान का फैसला कहा. बीजेपी नेता लंका दिनकर ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार ने महान वैज्ञानिक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति का अनादर करते हुए उनके नाम को पूर्व सीएम के नाम से बदल दिया. विवाद बढ़ने के बाद सीएम जगन रेड्डी को अपना फैसला वापस लेना पड़ा.
आशीष पांडेय