एमनेस्टी इंटरनेशनल पर कसेगा शिकंजा, मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कराएगा ED

एमनेस्टी इंटरनेशनल पर शिकंजा कसने की तैयारी है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मानवाधिकार के लिए काम करने वाली इस संस्था के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कराएगा.  

Advertisement
एमनेस्टी इंटरनेशनल ग्रुप (फाइल फोटो) एमनेस्टी इंटरनेशनल ग्रुप (फाइल फोटो)

मुनीष पांडे

  • बेंगलुरु,
  • 21 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 10:59 AM IST

एमनेस्टी इंटरनेशनल ग्रुप पर शिकंजा कसने की तैयारी है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मानवाधिकार के लिए काम करने वाली इस संस्था के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कराएगा. हाल ही में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बेंगलुरु के एमनेस्टी इंटरनेशलल के दफ्तर पर छापा मारा था.

सीबीआई की ये छापेमारी विदेशी सहायता नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के उल्लंघन को लेकर हुई थी. पिछले साल ईडी ने फेमा के तहत एमनेस्टी के खिलाफ जांच शुरू की थी. ईडी फिलहाल एमनेस्टी से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है.

Advertisement

एमनेस्टी इंटरनेशनल की तरफ से दी गई थी सफाई

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने सीबीआई की छापेमारी के बाद बयान जारी कर कहा था कि वह भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह पालन करती है. उसने यह भी आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उसे परेशान करने के लिए की गई है. एमनेस्टी की ओर से कहा गया कि भारत में मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ एमनेस्टी इंडिया जब भी बोला है तभी उसका उत्पीड़न किया गया. हमारे मूल्य वहीं हैं जो भारतीय संविधान में बहुवाद, सहिष्णुता आदि के लिए निहित हैं.

ED ने की थी छापेमारी

बता दें कि इससे पहले बीते साल अक्टूबर महीने में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेंगलुरु स्थित (Amnesty International) के कार्यालय पर छापेमारी की थी. ईडी ने एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के खिलाफ विदेशी मुद्रा विनिमय के धोखाधड़ी के एक मामले में उसके दो ठिकानों पर तलाशी ली थी. अधिकारियों ने कहा था कि विदेश मुद्रा विनिमय प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत सीबीआई ने दस्तावेजों की तलाशी ली.

Advertisement

ED ने एमनेस्टी इंटरनेशनल को भेजा नोटिस

एमनेस्टी इंटरनेशनल को (ईडी) ने इसी साल सितंबर में कारण बताओ नोटिस जारी किया था. एमनेस्टी पर विदेशी मुद्रा कानून (फेमा) के तहत 51 .72 करोड़ रुपये के लेन-देन में नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement