कहते हैं बचाने वाला, मारने वाले से कहीं ज़्यादा बड़ा होता है. अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा पर गए श्रद्धालुओं पर आतंकी हमले के दौरान लोगों ने ऐसे ही एक बचाने वाले को देखा. नाम है सलीम शेख.
सलीम उस बस का ड्राइवर है, जिस पर सोमवार की रात आतंकवादियों ने हमला किया था लेकिन अंधाधुंध गोलियों की बौछार के बीच सलीम ने अपनी जान की परवाह किए बग़ैर जिस तरह से बस में बैठे श्रद्धालुओं की जान बचाने की कोशिश की, उस पर किसी को भी नाज़ हो सकता है. अब ड्राइवर सलीम शेख को सरकार ने बहादूरी का दूसरा सर्वोच्च अवॉर्ड दिया है.
सलीम शेख गफूर को बहादूरी के लिये उत्तम जीवन रक्षक पदक से नवाजा गया है. सलीम शेख को सम्मान के साथ एक लाख रुपये इनाम भी दिया जायेगा. अपनी इस बहादूरी के लिए पुरस्कार मिलने पर बात करते हुए सलीम शेख ने कहा कि उसे अफसोस इस बात का है कि वो उन 7 यात्रियों को नहीं बचा पाया, जो आतंकवादियों की गोली का शिकार हो गये. हालांकि खुशी भी है कि मेरी उस वक्त सूझबूझ 30 से ज्यादा यात्रिओं की जान बच गयी.
अंकुर कुमार / गोपी घांघर