देशभर में मॉब लिंचिंग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने भी शुक्रवार को हैदराबाद में इसी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया. गुजरात के सूरत और झारखंड की राजधानी रांची में भी मॉब लिंचिंग के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे.
असदुद्दीन ओवैसी ने मॉब लिंचिंग की वारदातों को लेकर एक बार फिर सरकार को घेरा. उन्होंने मॉब लिंचिंग के आरोपियों को आतंकी करार दिया. एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, 'डरना नहीं इन जालिमों से, ये नामर्दों की फौज है, जो 25-30 की संख्या में मिलकर एक मासूम को मारते हैं. नामर्द हैं यो लोग.'
ओवैसी ने कहा, 'जिन्होंने तबरेज अंसारी को मारा वो गोडसे की नाजायज औलाद हैं, जिन्होंने तबरेज अंसारी को मारा वो हिन्दुस्तान के गद्दार हैं, जिन्होंने तबरेज अंसारी को मारा वो आतंकी हैं. इनमें और आईएसआईएस में कोई अंतर नहीं हैं.' ओवैसी ने इस मसले पर नाम लिए बिना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी घेरा और कहा कि वजीर ए आजम की जिम्मेदारी है कि वो हर हिन्दुस्तानी की रक्षा करें. वो हर हिन्दुस्तान के वजीर ए आजम हैं.
सूरत की सड़कों पर बवाल
सूरत की सड़कों पर शुक्रवार को बड़ा बवाल मच गया. वहां मॉब लिंचिंग के खिलाफ मौन रैली निकाली गई थी. तभी पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हो गई. पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े तो रैली में शामिल लोगों ने पत्थरबाजी की. इस मामले में पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है. सूरत की सड़कों पर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने ऐसा हंगामा किया जिससे पुलिस के भी पसीने छूट गए. हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले तक दागने पड़े.
रांची में भी हुआ प्रदर्शन
इधर, झारखंड में तबरेज अंसारी की मॉब लिंचिंग में हुई मौत के बाद गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा. शुक्रवार को भी रांची में मुस्लिम समुदाय के लोग हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरे. इस जन आक्रोश सभा में समाज के लोगों ने मॉब लिंचिंग के खिलाफ नाराजगी जताई और कहा कि ऐसी घटना को अंजाम देकर देश में असुरक्षा का माहौल बनाया जा रहा है. लोग आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
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