प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर टैक्स कलेक्शन के मोर्चे पर मिली सफलता को लेकर भी अपनी सफलता गिनाई. उन्होंने कहा कि 2013 में जहां प्रत्यक्ष कर भरने वालों की संख्या 4 करोड़ से भी कम थी. आज यह संख्या करीब दोगुनी होकर पौने सात करोड़ हो गई है.
2013 में कितना टैक्स कलेक्शन:
इनकम टैक्स विभाग की तरफ से जारी टाइम सीरीज डेटा के मुताबिक 2012-13 के दौरान कुल प्रत्यक्ष कर 5.58 लाख करोड़ रुपये रहा था. 2016-17 के दौरान यह 8.49 लाख करोड़ पर पहुंच गया. वहीं, 2017-18 में टैक्स कलेक्शन पिछले साल के मुकाबले 17 फीसदी बढ़ा है. इस दौरान नेट कलेक्शन पिछले साल के मुकाबले 17.1 फीसदी बढ़ा.
टैक्स फाइलर्स की संख्या कितनी बढ़ी है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में करदाताओं की बढ़ती संख्या का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक 2013 में 4 करोड़ से भी कम टैक्स फाइलर थे. लेकिन अब पौने सात करोड़ से ज्यादा इनकी संख्या हो गई है.
हालांकि डेटा के मुताबिक यह पूरी सच्चाई नहीं है. डेटा की तरफ नजर दौड़ाएं, तो 2013 में पीएम मोदी के दावे के मुकाबले टैक्स कलेक्शन थोड़ा ज्यादा था. इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक इस दौरान 4 करोड़ 72 लाख से ज्यादा टैक्स फाइलर्स थे.
2017-18 की बात करें तो इस दौरान इनकम टैक्स फाइल करने वालों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है. इनकी कुल संख्या 6.84 करोड़ पर पहुंची है. पिछले साल के मुकाबले इस दौरान टैक्स भरने वालों की संख्या में 26 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. इससे सरकार वित्त वर्ष के अपने प्रत्यक्ष कर कलेक्शन के लक्ष्य को हासिल करने में सफल रही.
इस वजह से बढ़ा टैक्स कलेक्शन:
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने टैक्स कलेक्शन के मोर्चे पर ये जो उपलब्धियां गिनाई हैं. इनका श्रेय नोटबंदी के बाद शुरू की गईं इनकम डिक्लेरेशन स्कीम 2016 और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, 2016 को ज्यादा जाता है. इन योजनाओं के तहत लोगों को अपनी अघोषित आय का पता बताने का मौका दिया गया था.
आय कर विभाग की तरफ से पिछले साल अगस्त में जारी किए गए टाइम सीरीज डेटा के मुताबिक इन योजनाओं के तहत 2016-17 में टैक्स कलेक्शन में काफी ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई. इस बढ़ोत्तरी के साथ इन योजनाओं के तहत टैक्स कलेक्शन 15,624 करोड़ रुपये पहुंच गया.
आय कर विभाग ने चलाया अभियान:
इन योजनाओं के अलावा इनकम टैक्स विभाग ने भी करदाताओं को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया. उन्हें एसएमएस, नोटिस और अन्य कई माध्यमों से टैक्स भरने को लेकर जागरूक किया गया.
विकास जोशी