59 चीनी ऐप्स बैन को हाईलेवल कमेटी ने माना सही, कंपनियों को मिलेगा एक मौका

59 चीनी ऐप्स को बैन करने के फैसले को गृहमंत्रालय, कानून मंत्रालय, इलेक्ट्रानिक एवं आईटी मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों और प्रतिनिधियों के अलावा CERT-In (Computer Emergency Response Team) की कमेटी ने सही माना है.

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देशभर में हो रहा था चाइनीज ऐप्स का विरोध (फोटो-PTI) देशभर में हो रहा था चाइनीज ऐप्स का विरोध (फोटो-PTI)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 02 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 10:28 AM IST

  • भारत सरकार ने 59 चीनी ऐप्स को किया है बैन
  • कंपनियों को अपना पक्ष रखने का मिलेगा मौका

59 चीनी ऐप्स को बैन करने के फैसले को केंद्र सरकार की हाईलेवल कमेटी ने भी सही माना है. इस कमेटी में गृहमंत्रालय, कानून मंत्रालय, इलेक्ट्रानिक एवं आईटी मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों और प्रतिनिधियों के अलावा CERT-In (Computer Emergency Response Team) के प्रतिनिधि शामिल हैं.

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59 चीनी ऐप्स को बैन करने के फैसले पर केंद्र सरकार की समिति ने भी मुहर लगा दी है. इन ऐप्स की डाटा साझा करने की कार्यप्रणाली के मद्देनजर आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक सचिव ने अपने इमरजेंसी अधिकार का प्रयोग करते हुए बैन लगाने का फैसला किया था. बुधवार को सरकार की समिति ने भी अपनी बैठक में इस फैसले को सही माना है.

आपको बता दें कि चीनी ऐप्स पर अंतरिम रोक लगाई गई है. अब अंतिम फैसला लेने से पहले इन चीनी ऐप्स के प्रतिनिधियों को समिति के सामने अपनी बात रखने का एक मौका मिलेगा. जानकारी के मुताबिक, एक हफ्ते के अंदर इन कंपनियों के प्रतिनिधि समिति के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं.

गौरतलब है कि सोमवार देर रात को भारत सरकार ने 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था. इन ऐप्स को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया था. बैन ऐप्स में सबसे अधिक पॉपुलर ऐप टिकटॉक भी शामिल था. हालांकि, टिकटॉक का कहना था कि वह किसी भी देश को डेटा शेयर नहीं करता है.

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इस बैन का असर भी दिखने लगा है. ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि टिक टॉक और शेयर इट जैसे वैश्विक ऐप्स को बैन करने से न केवल इन कंपनियों पर बल्कि इन कंपनियों के लिए काम करने वाले हजारों भारतीय आईटी कर्मचारियों पर भी असर पड़ेगा. टिक टॉक की पैरंट कंपनी बाइटडांस को 6 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है.

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