Modi@4: नौकरी नहीं-कारोबार सही, व्यापार के लिए शुरू की 4 योजनाएं

मोदी सरकार ने पिछले चार साल के दौरान देश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई अहम योजनाएं शुरू की हैं. इन योजनाओं के बूते सरकार ने मौजूदा समय में कारोबार करने वालों की सहूलियतें बढ़ाने का काम किया है.

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पीएम मोदी (File Photo) पीएम मोदी (File Photo)

विकास जोशी

  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2018,
  • अपडेटेड 10:45 AM IST

मोदी सरकार ने पिछले चार साल के दौरान देश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई अहम योजनाएं शुरू की हैं. इन योजनाओं के बूते सरकार ने मौजूदा समय में कारोबार करने वालों की सहूलियतें बढ़ाने का काम किया है. इसके साथ ही सरकार ने नये कारोबारियों को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए. अपनी इन योजनाओं के जरिये केंद्र सरकार ने नौकरी की बजाय स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर फोकस किया.  

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मुद्रा योजना

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना शुरू की है. माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी लिमिटेड (मुद्रा) नाम की इस योजना के तहत छोटे कारोबारियों को लोन के तौर पर सहयोग दिया जाता है. इस योजना को उन कारोबारियों की खातिर तैयार किया गया है, जिनकी लोन की जरूरत 10 लाख रुपये या उससे कम है. इस योजना के तहत छोटे कारोबारी तीन श्रेण‍ियों के तहत लोन ले सकते हैं.

पहली है श‍िशु. इसके तहत आपको 50 हजार रुपये तक का लोन दिया जाता है. दूसरी 'किशोर', इसमें 50 हजार से ज्यादा और 5 लाख रुपये तक लोन मिलता है. तीसरी श्रेणी है तरुण. इस श्रेणी में 5 लाख से ज्यादा 10 लाख रुपये तक का लोन कारोबार को बढ़ाने के लिए दिया जाता है. मुद्रा लोन आप वाहन खरीदने और वर्क‍िंग कैपिटल की जरूरत पूरा करने के लिए ले सकते हैं.

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स्टार्टअप इंडिया:

देश में इनोवेशन और नये आयाम को जन्म देने वाले कारोबारियों को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने 16 जनवरी, 2016 को स्टार्टअप इंडिया योजना की शुरुआत की. इसके तहत देश में स्टार्टअप्स को हर तरह का सहयोग मुहैया किए जाने की कोश‍िश है.  

इस स्कीम के तहत स्टार्टअप्स को न सिर्फ कारोबार को बेहतर करने के लिए लोन के तौर पर फंड‍िंग का सहयोग दिया जाता है. इसके अलावा स्टार्टअप शुरू करने वालों को प्रोत्साहन और दूसरी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप बढ़ाने में भी सहयोग किया जाता है.

जन औषध‍ि केंद्र: 

अपना बिजनेस शुरू करने वालों को लोन की सुविधा देने के अलावा सरकार जन औषधि केंद्र खोलकर कमाई करने का मौका भी दे रही है. सरकार की योजना है कि कस्‍बों और शहरों में जन औषधि केंद्र खोले जाएं. इन केंद्रों में काफी सस्‍ते दामों पर जेनेरिक दवाइयां बेची जाती हैं. आप अगर स्‍वरोजगार शुरू करना चाहते हैं, तो बिना कोई खर्च किये आप जन औषधि केंद्र खोलने के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं.

इस केंद्र के जरिये आपको हर महीने न सिर्फ अच्‍छी आय होगी, बल्कि इसे शुरू करने में सरकार भी आपकी मदद करेगी. हालांकि इसे शुरू करने के लिए आपको कुछ शर्तों को पूरा करना जरूरी है.

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जन औषधि केंद्र शुरू करने की पहली शर्त यह है कि आप फार्मेसी के क्षेत्र से जुड़े हों. आपके पास फार्मेसी की डिग्री हो या फिर मेडिकल लाइन व अस्‍पताल में काम करने का अनुभव हो. केंद्र शुरू करने के लिए आपके पास 120 स्‍क्‍वायर फुट की जगह होनी चाहिए. आप चाहें तो जगह किराये पर लेकर भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं.

सरकार देगी मदद

औषधि केंद्र खोलने के लिए सरकार की तरफ से आपको 2.5 लाख रुपये तक का सहयेाग मिलता है. यह सहयोग आपकी महीने की कमाई के 15 फीसदी के तौर पर हर माह दिया जाएगा. हर महीने आपको अधिकतम 10 हजार रुपये तक सहयोग के तौर पर दिए जाएंगे.

घर बैठे शुरू करें कारोबार

आपको ज्वैलरी डिजाइनिंग आती है. आप डेकोरेटिव आइटम्स बनाने में माहिर हैं या फिर आप जूट के बैग बनाना जानते हैं, तो अब आप अपने हुनर के बूते घर बैठे ही कारोबार कर सकते हैं और सरकार के साथ मिलकर अच्छी कमाई कर सकते हैं. अगर आप एक महिला उद्यमी हैं और घर बैठकर ही कमाई करना चाहती हैं, तो महिला व बाल कल्याण विकास मंत्रालय ने आपके लिए एक मंच तैयार किया है. यह मंच है 'महिला ई-हाट.'

घर बैठे तैयार किये सामान को बेच सकते हैं 

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इस मंच पर आप घर में सामान तैयार कर के ऑनलाइन बेच सकते हैं. इसके लिए आपको किसी भी तरह की फीस नहीं देनी होगी. न ही आपके प्रोडक्ट महिला ई-हाट पोर्टल पर लिस्ट करने के लिए सरकार आप से कोई कमीशन लेगी. महिला ई-हाट एक ऑनलाइन प्लैटफॉर्म है.

यहां आप फैशन एक्सेसरीज, कपड़े, बैग्स, गिफ्ट आइटम्स, खिलौने समेत अन्य प्रोडक्ट आसानी से लिस्ट कर सकते हैं और उन्हें बेचकर अच्छी कमाई कर सकते हैं. हालांकि यहां अपने प्रोडक्ट लिस्ट करने के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना आपके लिए जरूरी है.

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