Surat Fire: दो दमकल अफसरों पर गिरी गाज, निलंबन के बाद अब हुई गिरफ्तारी

पुलिस के मुताबिक 24 मई को कोचिंग में आग लगने की जो घटना हुई थी उसमें इन आरोपी अधिकारियों ने आग से सुरक्षा संबंधी समीक्षा सही से नहीं की थी. दमकल विभाग के जिन दो अधिकारियों पर गिरफ्तारी की गाज गिरी है उनके नाम एस के आचार्य (उप प्रमुख) और कीर्ति मोड़  हैं.

Advertisement
सूरत के इसी कोचिंग में लगी थी भीषण आग (फाइल फोटो) सूरत के इसी कोचिंग में लगी थी भीषण आग (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 मई 2019,
  • अपडेटेड 11:40 PM IST

गुजरात के सूरत में कोचिंग अग्निकांड मामले में गुजरात सरकार ने जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने की वजह से 22 छात्रों की मौत हो गई थी. घटना के दो सप्ताह बाद सरकार ने दमकल विभाग के दो अधिकारियों को लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. दोनों अधिकारियों को पहले ही सूरत नगर पालिका ने सस्पेंड कर दिया था.

Advertisement

पुलिस के मुताबिक 24 मई को कोचिंग में आग लगने की जो घटना हुई थी उसमें इन आरोपी अधिकारियों ने आग से सुरक्षा संबंधी समीक्षा सही से नहीं की थी. दमकल विभाग के जिन दो अधिकारियों पर गिरफ्तारी की गाज गिरी है उनके नाम एस के आचार्य (उप प्रमुख) और कीर्ति मोड़ (पूर्वी क्षेत्र के दमकल प्रभारी) हैं. सूरत के चार मंजिला तक्षशिला कॉम्पलेक्स में अचानक आग लग गई थी जिसके बाद कई बच्चे ऊपर से ही कूद गए थे और कुछ की दम घुटने और जलने से मौत हो गई थी.

बता दें कि इससे पहले सूरत नगर पालिका (एसएमसी) ने इस घटना के बाद दोनों अधिकारियों को अग्नि सुरक्षा संबंधी समीक्षा सही से ना करने के मामले में निलंबित कर दिया था. एसएमसी ने कहा था कि सूरत शहर के सभी दमकल अधिकारियों को एसएमसी की तरफ से उनके क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा संबंधी समीक्षा करने का निर्देश दिया जाता है.

Advertisement

कोचिंग संचालक पहले ही हो चुका है गिरफ्तार

कोचिंग संचालक भार्गव भूटानी को पुलिस इस मामले में पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है जबकि कोचिंग सेंटर मालिक और बिल्डर की तलाश जारी है. इस बिल्डिंग के मालिक के रूप में दो बिल्डरों की पहचान हर्षुल वेकारिया और जिग्नेश पालीवाल के रूप में हुई है. ये दोनों फरार चल रहे हैं.

जब 24 मई को आग के गोले में बदल गया था पूरा कोचिंग सेंटर

सूरत शहर के कोडियार नगर में मौजूद तक्षशिला कॉम्प्लेक्स में उस वक्त शाम के करीब 5 बजे थे. कॉमर्शिल कॉम्प्लेक्स में कई दुकानों के साथ-साथ एक कोचिंग सेंटर भी चलता है. स्मार्ट डिज़ाइन स्टूडियो नाम का कोचिंग सेंटर चौथी मंजिल पर था. इस कोचिंग सेंटर में आर्ट एंड क्राफ्ट की पढ़ाई होती थी. शुक्रवार की शाम को क्लास में करीब 40 बच्चे मौजूद थे.

तभी अचानक तीसरी मंजिल पर ही आग लग गई. आग के शोले बेहद तेजी से उठे और देखते ही देखते चारों तरफ फैल गए. इसके बाद शोलों और धुओं ने ऐसा कहर बरपाया कि बच्चों को कुछ समझ ही नहीं आया. जान बचाने की जद्दोजहद में छात्र-छात्राएं चौथी मंज़िल से एक एक कर नीचे कूदने लगे. इस अग्निकांड में 18 छात्राओं समेत 22 छात्रों की मौत हो गयी थी और सड़क पर खड़े लोगों ने अपने मोबाइल में इस दर्दनाक मंजर को रिकॉर्ड किया था.

Advertisement

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement