राजस्थान में पुलिस थानों को स्वागत कक्ष में बदलने के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दावे की पोल राज्य के उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा ने ही खोल दी. मीणा मंगलवार एक पीड़ित को लेकर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे जहां पर उस बुजुर्ग की बेटी की हत्या का मुकदमा पुलिस थाने में दर्ज नहीं हो रहा था. मंत्री के आदेश के बाद भी पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर रही थी.
मंत्री के कहने के बाद भी केस नहीं हुआ दर्ज
दरअसल इस बुजुर्ग की विवाहिता बेटी की हत्या हो गई थी जिसके लिए वह अपने इलाके के विधायक उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा के यहां पहुंचा और कहा कि थाने में मुकदमा दर्ज नहीं हो रहा है. मंत्री ने थाने पर फोन किया मगर थानाधिकारी ने मुकदमा दर्ज करने के लिए उसे दूसरे जगह भेज दिया. जब बुजुर्ग बामनवास नाम के जगह पर पहुंचा तो वहां के एसएचओ ने कहा कि जहां हत्या हुई है वहां मुकदमा दर्ज होगा.
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इसके बाद बुजुर्ग वापस मंत्री के पास पहुंचा तो मंत्री परसादी लाल मीणा ने एक बार फिर ब्रह्मपुरी थाने के थानाधिकारी को मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा. मगर थाना अधिकारी बिना मुकदमा दर्ज किए छुट्टी पर चला गया.
पार्टी मुख्यालय पहुंचे मंत्री महोदय
उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि मैं अपनी शिकायत लेकर प्रदेश पार्टी मुख्यालय में इसलिए आया हूं क्योंकि मेरे बार-बार कहने के बावजूद भी थानेदार ने केस दर्ज नहीं किया और छुट्टी पर चला गया.
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कांग्रेस मुख्यालय में हो रही जनसुनवाई कर रहे शहरी विकास मंत्री शांति धारीवाल ने थानेदार को फटकार लगाई मगर सरकार की लाज बचाते हुए कहा कि यह एक छोटा सा मामला था.
शरत कुमार