...जब राजस्थान में एक IPS दूल्हे को पुलिस सुरक्षा में निकालनी पड़ी बिंदौरी, जानिए क्या है पूरा मामला

राजस्थान के जयपुर में एक IPS को पुलिस की सुरक्षा में बिंदौरी निकालनी पड़ी. दरअसल, हाल ही में बिंदौरी के दौरान दलितों पर हुए हमले की घटनाओं को लेकर पुलिस और प्रशासन की टीम मुस्तैद रही. रस्म के दौरान दूल्हे का गांव छावनी में तब्दील रहा.

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रस्म के दौरान घोड़ी पर सवार पुलिस कर्मी दूल्हा. रस्म के दौरान घोड़ी पर सवार पुलिस कर्मी दूल्हा.

शरत कुमार

  • जयपुर,
  • 16 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 10:57 PM IST
  • बिंदौरी निकलने के दौरान गांव बना पुलिस छावनी
  • हाल में हुई घटनाओं को लेकर सतर्क थी पुलिस
  • रस्म के दौरान पूरा गांव बना रहा छावनी

राजस्थान में भले ही चार दलित कैबिनेट मंत्री बनाने की बात सरकार करती हो मगर आज भी दलितों की स्थिति गांवों में कैसी है, इसकी एक तस्वीर जयपुर जिले के शाहपुरा के पास भाबरू थाने के भगतपुरा जयसिंहपुरा गांव में देखने को मिली. यहां आईपीएस सुनील कुमार धनवंता की शादी में घोड़ी पर बैठाने के लिए पुलिस लगानी पड़ी. भारी पुलिस व प्रशासन के टीम की मौजूदगी में सूरजपुरा में बिंदौरी निकाली गई. दलित के घोड़ी पर बैठकर शादी की रस्म करने की वजह से पुलिस टीम पूरे गांव में तैनात रही. बिंदौरी के दौरान गांव में हर तरफ पुलिस का पहरा दिख रहा था.

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सूरजपुरा गांव में पहले दलित दूल्हों की बिंदौरी के दौरान कई अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए भले ही दूल्हा पुलिस अधिकारी हो उसकी बारात पुलिस सुरक्षा के बीच निकाली गई. यहां एडीएम, एसडीएम सहित कई अधिकारी गांव में दिन भर तैनात रहे. भारी पुलिस के मौजूद रहने से गांव पूरा दिन छावनी बना रहा.  

गौरतलब है कि भाबरू के भगतपुरा जयसिंहपुरा के रहनेवाले आईपीएस सुनील कुमार धनवंता को मंगलवार को सूरजपुरा में उसके परिवार के लोगों ने दूल्हे को रस्म के लिए बुलाया  था. इस पर दूल्हा धूम-धड़ाके के साथ डीजे की धुन पर नाचते-गाते परिवार वालों के साथ घोड़ी पर बैठकर सूरजपुरा पहुंचा. यहां परिवार के लोगों ने उसकी धूमधाम से बिंदौरी निकाली. 

बता दें कि हाल के दिनों में एक गांव में हुई घटना को लेकर  पुलिस और प्रशासन सावधान था. राजस्थान में शादियों के मौसम में अक्सर घोड़ी पर बैठकर शादी करने आए दलितों के साथ गांवों में मारपीट की घटनाएं होती हैं. राजस्थान सरकार ने इसकी रोकथाम के लिए कड़े आदेश दे रखे हैं, मगर दबंगों और दलितों में इसे लेकर टकराव होते रहते हैं.

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