राजस्थान सरकार ऑनर किलिंग के खिलाफ अलग से कठोर कानून बनाने जा रही है. राजस्थान सरकार कैबिनेट ने आज (29 जुलाई) ऑनर किलिंग निवारण बिल को हरी झंडी दे दी. आज विधानसभा शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने कैबिनेट की बैठक बुलाई और उसमें ऑनर किलिंग को रोकने के लिए बनाए गए बिल को कैबिनेट से पास कराया.
अब इस बिल को मंगलवार (30 जुलाई) राजस्थान विधानसभा में रखा जाएगा. इसके अलावा उम्मीद की जा रही है कि कल ही विधानसभा में मॉब लिंचिंग के खिलाफ भी विधेयक पेश किया जाएगा.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट पेश करते वक्त कहा था जिस तरह से सिरोही में एक जोड़े को जिंदा जलाकर मार दिया गया और कहीं खबर तक नहीं लगी, उसे देखते हुए इसके खिलाफ कठोर कानून बनाने की जरूरत है. अब बजट पेश करने के कुछ दिनों के बाद ही गहलोत मंत्रिमंडल ने ऑनर किलिंग के खिलाफ विधेयक को मंजूरी दे दी है.
कहा जा रहा है कि इस कानून के अस्तित्व में आने के बाद राज्य में खाप पंचायतों पर रोक लगेगी और प्रेमी जोड़े आसानी से शादी के बंधन में बन सकेंगे.
बता दें कि राजस्थान में खाप पंचायतों के फरमान की खबरें आए दिन आती रहती हैं, इसे लेकर कानून की समस्या पैदा होती रहती है. कहा जा रहा है कि ऐसे मामलों को डील करने के लिए अलग से नोडल अधिकारी बनेंगे और इसमें आजीवन कारावास से लेकर मौत की सजा तक का प्रावधान हो सकता है.
साथ ही ऑनर किलिंग में जो भी परिवार वाले और खाप पंचायत के लोग शामिल होंगे उनके खिलाफ एक से लेकर 5 साल तक की सजा का प्रावधान हो सकता है.
शरत कुमार