JEE मेन्स में थे 100 फीसद अंक, अब लिम्का बुक में दर्ज कराया नाम

कल्पित का कहना है, ‘मैं आईआईटी की तैयारी के लिए कोई रोजाना 15 घंटे नहीं पढ़ता था, मैं कोटा भी नहीं गया लेकिन निरंतर पढ़ाई से मुझे मदद मिली’. उनके पिता पुष्पेंद्र वीरवाल उदयपुर में महाराणा भूपाल सरकारी अस्पताल में कंपाउडर हैं जबकि मां पुष्पा सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं.

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जेईई 2017 के टॉपर कल्पित वीरवाल जेईई 2017 के टॉपर कल्पित वीरवाल

BHASHA

  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 4:41 PM IST

प्रतिष्ठित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मुख्य में अब तक पहली बार सौ प्रतिशत प्राप्तांक हासिल करने वाले उदयपुर के कल्पित वीरवाल का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज किया गया है. कल्पित ने इस साल जेईई-मेन्स में 360 में से 360 अंक हासिल किये थे और अब वह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बंबई में कंप्यूटर विज्ञान की पढ़ाई कर रहे हैं.

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लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड के एक अधिकारी ने बताया कि उनकी उपलब्धि 2018 के संस्करण में ‘शिक्षा उपलब्धि’ श्रेणी में नजर आएगी. कल्पित ने बताया ‘मुझे यह परीक्षा उत्तीर्ण हो जाने का पूरा यकीन था लेकिन मुझे सौ फीसद अंक मिलने की आशा नहीं थी. इसी तरह, लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में स्थान पाना भी ऐसे चीज है जिसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी.’ उनका गृहनगर उदयपुर कोटा से 300 किलोमीटर से अधिक दूर नहीं है जो मेडिकल और इंजीनियरिंग के अभ्यर्थियों की तैयारी के लिए एक केंद्र है.

कल्पित का कहना है, ‘मैं आईआईटी की तैयारी के लिए कोई रोजाना 15 घंटे नहीं पढ़ता था, मैं कोटा भी नहीं गया लेकिन निरंतर पढ़ाई से मुझे मदद मिली’. उनके पिता पुष्पेंद्र वीरवाल उदयपुर में महाराणा भूपाल सरकारी अस्पताल में कंपाउडर हैं जबकि मां पुष्पा सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं. उनका बड़ा भाई जोधपुर के एम्स से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है.

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कल्पित ने जेईई मेंन्स 2017 की परीक्षा में ऐसा कारनामा कर दिखाया जहां तक कोई भी नहीं पहुंचा था. उनकी इस सफलता पर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने भी तब उन्हें बधाई देते हुए कल्पित की सफलता को राज्य के लिए गर्व की बात बताया था.

 

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