राजस्थान के सभी आयुर्वेदिक जिला चिकित्सालयों में खुलेंगे पोस्ट कोविड सेंटर, स्वास्थ्य मंत्री का ऐलान

डॉक्टर रघु शर्मा ने स्वास्थ्य भवन में आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विभाग की विभागीय सलाहकार समिति की बैठक में कहा कि प्रदेश में मेडिको टूरिज्म की प्रबल संभावना है.

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राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर रघु शर्मा (फाइल फोटोः ट्विटर) राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर रघु शर्मा (फाइल फोटोः ट्विटर)

देव अंकुर

  • जयपुर,
  • 16 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 12:05 AM IST
  • विभागीय सलाहकार समिति की हुई बैठक
  • स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में किया ऐलान
  • दुनिया ने माना आयुर्वेद का लोहा- रघु शर्मा

राजस्थान के सभी आयुर्वेदिक जिला चिकित्सालयों में पोस्ट कोविड सेंटर खोले जाएंगे. राजस्थान के चिकित्सा एवं आयुर्वेद मंत्री डॉक्टर रघु शर्मा ने मंगलवार को यह ऐलान किया. सरकार के निर्णय के मुताबिक इन चिकित्सालयों में विशेषज्ञ चिकित्सक कोरोना पॉजिटिव से निगेटिव हुए मरीजों का होम्योपैथिक, यूनानी और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से करेंगे.

डॉक्टर रघु शर्मा ने स्वास्थ्य भवन में आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विभाग की विभागीय सलाहकार समिति की बैठक में कहा कि प्रदेश में मेडिको टूरिज्म की प्रबल संभावना है. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 20 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां सबसे ज्यादा पर्यटकों की आवाजाही है. उन्होंने कहा कि इन जगहों पर पीपीई मोड पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त योगा केंद्र खोले जाएंगे.

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राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं. पूरी दुनिया ने कोरानाकाल में आयुष पद्धति का लोहा माना है. सरकार आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति के संरक्षण और संवर्धन के लिए संकल्पित है और इसकी बेहतरी के लिए काम कर रही है. उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि सरकार ने प्रदेश में 17 जगह बोटेनिकल गार्डन विकसित करने के लिए रूपरेखा बनाने के निर्देश दिए हैं.

राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया कि इन स्थानों पर संबंधित द्रव्य गुण विज्ञान के विशेषज्ञ चिकित्सकों को तैनात करने और कृषकों के सहयोग से विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं. सार्वजनिक और निजी सहभागिता से विकसित करने का सुझाव दिया गया है. उन्होंने प्रत्येक आयुष चिकित्सालय में 10 प्रकार के औषधीय पादप लगाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने गूगल, तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, अर्जुन सहित अन्य पौधे लगाने पर भी विशेष बल दिया जा रहा है.

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