राजस्थान सरकार का फैसला, दो महीने के लिए टाले बिजली-पानी के बिल

सरकार के अनुमान के मुताबिक इस कदम से छोटे, मध्यम और बड़े औद्योगिक उद्योगों के लगभग 1,68,000 उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी.

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो)

देव अंकुर

  • जयपुर,
  • 03 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 6:57 AM IST

  • गहलोत सरकार ने टाला दो महीने के लिए बिजली-पानी का बिल
  • जून के महीने में कर सकेंगे बिजली-पानी के बिलों का भुगतान

देश में कोरोना वायरस का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है. वहीं कोरोना वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लागू है. इस बीच राजस्थान सरकार ने प्रदेशवासियों को बिजली-पानी के बिल को लेकर राहत दी है.

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देश में 21 दिनों के लॉकडाउन के कारण लोगों को अपने घर से न निकलने का निर्देश दिया गया है. ऐसे में आर्थिक गतिविधियों पर भी ब्रेक लगा हुआ है. इस बीच राजस्थान की गहलोत सरकार ने दो महीने के लिए बिजली और पानी के बिल को टालने का ऐलान किया है.

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राजस्थान सरकार ने राज्य में औद्योगिक इकाइयों, किसानों और आम लोगों के लिए बिजली और पानी के बिल को दो महीने के लिए टालने का फैसला किया है. गहलोत सरकार के इस फैसले से लॉकडाउन के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों को राहत मिल सकेगी.

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सरकार के अनुमान के मुताबिक इस कदम से छोटे, मध्यम और बड़े औद्योगिक उद्योगों के लगभग 1,68,000 उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी. वहीं आम उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने के लिए राज्य सरकार ने मार्च और अप्रैल के महीने में पानी के बिल के भुगतान को टालने का फैसला किया है. उपभोक्ता जून के महीने में इन बिलों का भुगतान कर सकेंगे.

स्क्रीनिंग कराने का फैसला

भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरों से निपटने के मामले में राजस्थान सबसे पहला राज्य रहा है जिसने देशव्यापी लॉकडाउन से पहले ही राज्य में लॉकडाउन का फैसला किया था. वहीं अब अशोक गहलोत सरकार ने प्रदेश के सभी साढ़े सात करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग कराने का फैसला किया है.

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राज्य में इस स्क्रीनिंग के दौरान कोरोना संक्रमण की शंका होने पर सैंपल टेस्टिंग भी करने का निर्णय लिया गया है. इस प्रक्रिया में मेडिकल विभाग के कर्मचारियों के साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और जिला कलेक्ट्रेट के कर्मचारी स्क्रीनिंग का काम करेंगे.

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