राजस्थान कांग्रेस में सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच उठा सियासी तूफान तो फिलहाल ठंडा पड़ा है, लेकिन कोटा इलाके के कांग्रेस विधायक और मंत्री के बीच का झगड़ा बढ़ गया है.
खान विभाग के मंत्री प्रमोद जैन भाया का नाम लिए बिना कोटा जिले के सांगोद से विधायक भरत सिंह ने पत्र लिखा है. उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री ने राज्य में प्रभारी मंत्रियों के प्रभार तो बदल दिए, लेकिन सबसे भ्रष्ट मंत्री को अब तक बर्खास्त नहीं किया है.
विधायक की चिट्ठी 'लेटर बम' बन कर सियासी गलियारों में खलबली मचाए हुए है. बीजेपी ने इस पूरे मामले पर मजा लेना शुरू कर दिया है. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विधायक की चिट्ठी को ट्वीट करते हुए लिखा कि राजस्थान में जल्दी ही नकारा-निकम्मा पार्ट-2 शुरू होने वाला है.
भरत सिंह ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि मंत्री का नाम लिखने की जरूरत नहीं है. गंदगी के पास से ही दुर्गंध आनी शुरू हो जाती है. गौरतलब है कि खान मंत्री प्रमोद जैन भाया के खिलाफ इस तरह की चिट्टियां पूर्व मंत्री भरत सिंह पहले भी लिख चुके हैं.
पिछली बार पीडब्ल्यूडी मंत्री रहते हुए प्रमोद जैन भाया को अशोक गहलोत ने बर्खास्त कर दिया था, लेकिन इस बार प्रमोद जैन भाया सचिन पायलट को पकड़कर फिर से मंत्री बन गए हैं. सचिन पायलट और अशोक गहलोत की लड़ाई में प्रमोद जैन भाया सचिन पायलट को छोड़कर अशोक गहलोत के साथ हो लिए हैं.
शरत कुमार