पंजाब सरकार ने राज्य में 100 से ज्यादा वीआईपी की सुरक्षा में कटौती की है. इनमें राजनेताओं, अभिनेताओं से लेकर धार्मिक संगठनों के प्रमुख भी शामिल हैं.
इस फैसले के बाद से शिरोमणि अकाली दल के बिक्रम मजीठिया, बाबा अर्जुन सिंह, मोहिंदर कौर, शिवसेना के करीब 50 नेताओं और एसजीपीसी के मौजूदा और पूर्व अध्यक्षों से सुरक्षाकर्मी वापस लिए गए हैं.
पंजाब सरकार के आदेश में कहा गया है कि इन वीआईपी की नई सुरक्षा व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी. राज्य में कुल 125 वीआईपी की सुरक्षा में कटौती हुई है.
अमरिंदर सरकार की ओर से कहा गया है कि यह कदम काफी समय से लंबित था. इन लोगों की सुरक्षा में कटौती कर कम से कम 200 पुलिसकर्मियों को वापस लिया गया है. जानकारी के मुताबिक इन वीआईपी के खतरे (अनुमानित) की समीक्षा की गई है और इसके बाद यह फैसला लिया गया.
राज्य सरकार के इस फैसले के बाद एसजीपीसी के पूर्व और मौजूदा अध्यक्षों और शिवसेना के 50 नेताओं की सुरक्षा में से दो-दो पुलिसकर्मी हटाए गए हैं. सबसे ज्यादा 11 पुलिस कर्मी शिरोमणि अकाली दल के बड़े नेता ब्रिकम मजीठिया की सुरक्षा से हटाए गए हैं.
इन वीआईपी की सुरक्षा में की गई है कटौती
अमरिंदर सरकार ने कुछ समय पहले ही सभी सरकारी कर्मचारियों का डोप टेस्ट करने का आदेश जारी किया था. इस आदेश को लेकर राज्य सरकार काफी चर्चा में रही थी. इसके अलावा राज्य के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से अपील की थी कि ड्रग्स के कारोबारियों को मौत की सजा दी जाए.
सतेंदर चौहान / भारत सिंह