लोकसभा चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं. चुनावी परिणाम में बीजेपी भले ही बहुमत से दूर रही हो, लेकिन दिल्ली की सभी सातों सीटें जीतकर क्लीन स्वीप की हैट्रिक लगाई है. इससे पहले 2014 और 2019 में भी वोटर्स ने दिल्ली की सभी सात सीटें बीजेपी की झोली में डाल दी थी. साल 1952 के बाद यह पहला चुनाव है, जिसमें किसी पार्टी ने दिल्ली में लगातार तीसरी बार सातों सीटें जीती हैं.
जनता ने जेल का जवाब वोट की चोट से दिया: वीरेंद्र सचदेवा
दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दावा किया कि जिस दिन कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का गठबंधन हुआ, उसी दिन ये तय हो गया था कि हम दिल्ली में सातों सीटें जीत रहे हैं. दिल्ली की जनता ने इस बात को स्वीकार किया है कि केजरीवाल भ्रष्ट हैं. दिल्ली की जनता ने जेल का जवाब वोट की चोट से दिया है. उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि जो पंजाब में एक-दूसरे का गला काटने को तैयार हैं, वह दिल्ली में गले मिल रहे हैं. बता दें कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था जबकि पंजाब में दोनों पार्टियों ने अपने-अपने कैंडिडेट उतारे थे.
'विधानसभा से AAP को उखाड़ फेंकेंगे'
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली में मानसून आने वाला है, लेकिन हमें पता है कि नाले की सफाई नहीं हुई है और आने वाले समय में फिर से उनके (केजरीवाल के) मंत्री नए-नए बहाने बनाएंगे, लेकिन इस बार हम उन्हें बहाना नहीं बनाने देंगे और यह जीत सिर्फ एक विराम है. हम फिर से अपने काम पर लगेंगे और विधानसभा से AAP को उखाड़ फेंकेंगे. बता दें कि दिल्ली में साल 2025 में विधानसभा चुनाव होना है.
दिल्ली से 2 महिलाएं संसद पहुंचीं
दिल्ली से 2 महिलाएं संसद पहुंच गई हैं. लंबे अरसे के बाद दिल्ली से 2 महिलाएं सांसद चुनकर पार्लियामेंट पहुंची हैं. बता दें कि भाजपा प्रत्याशी कमलजीत सहरावत ने पश्चिमी दिल्ली से महाबल मिश्रा को हराया है, जबकि बांसुरी स्वराज ने आम आदमी पार्टी के सिटिंग विधायक सोमनाथ भारती को हराया है. वहीं, भाजपा प्रत्याशी के तौर पर दक्षिणी दिल्ली सीट से गठबंधन के AAP प्रत्याशी सहीराम पहलवान को करीब सवा लाख वोटों से हराकर दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी अब सांसद बन गए हैं. यानि खाली हुई इस सीट पर उपचुनाव हो सकता है.
पार्षद बनी सांसद
पश्चिमी दिल्ली से बीजेपी की प्रत्याशी कमलजीत सहरावत को जीत हासिल हुई है. कमलजीत दिल्ली नगर निगम की पार्षद हैं यानि उनकी सीट पर भी उपचुनाव हो सकता है.
बड़े अंतर से हारे कांग्रेस के प्रत्याशी
दिल्ली कांग्रेस शुरुआत से ही गठबंधन के पक्ष में नहीं थी. इसके बावजूद ना सिर्फ गठबंधन हुआ, बल्कि भारी विरोध के बाद कन्हैया कुमार को उत्तर पूर्वी दिल्ली और उदित राज को उत्तर पश्चिमी दिल्ली से टिकट दिया गया. चांदनी चौक से पूर्व सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जेपी अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया था. ये तीनों प्रत्याशी बड़े अंतर से चुनाव हार गए हैं.
AAP के 3 विधायकों को मिला सांसदी लड़ने का मौका
गठबंधन में अपने कोटे की चार सीटों में से तीन पर आम आदमी पार्टी ने अपने विधायकों को टिकट दिया था. नई दिल्ली से सोमनाथ भारती, पूर्वी दिल्ली से कुलदीप कुमार और दक्षिणी दिल्ली से सहीराम पहलवान को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया था.
राम किंकर सिंह