उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार से यूपी इन्वेस्टर्स समिट की शुरुआत हुई. इस समिट में 9 देशों के प्रतिनिधी शामिल हो रहे हैं जबकि 5000 उद्योगपति भी. पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन किया जबकि योगी आदित्यनाथ सरकार का ये सबसे बड़ा आयोजन माना जा रहा है. 2019 के चुनाव के मिशन पर जुटने से पहले बीजेपी के लिए ये एक बड़ा आयोजन माना जा रहा है. पीएम मोदी ने यूपी को देश के विकास का इंजन बताया था. अब ये समिट बीजेपी के मिशन 2019 का इंजन भी बन सकती है. योगी आदित्यनाथ ने आजतक से बातचीत में कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था हमने सुधारी है अब विकास कोई रोक नहीं सकता.
दो दिन के इस इन्वेस्टर्स समिट में रोजगार, कपड़ा, डिफेंस, मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमआई जैसे 30 सेशन रखे गए हैं. इस समिट में देश के 5000 शीर्ष उद्योगपति इस इन्वेस्टर्स समिट में शामिल हो रहे हैं.
इनमें प्रमुख रूप से मुकेश अंबानी, गौतम अडानी, कुमार मंगलम बिड़ला, आनंद
महिंद्रा, पकंज पटेल, शौभना कामिनेनी, रशेश शाह, नटराजन .
30 सत्रों में होने वाले इस सम्मेलन में देश के तमाम उद्योगपतियों के
अलावा जापान, नीदरलैंड, मॉरीशस समेत सात देश पार्टनर के रूप में हिस्सा ले
रहे हैं.
समिट से पहले ही 900 MoU पर हस्ताक्षर हो चुके थे. इस समिट में हर एमओयू से सूबे में खुलेगी तरक्की की राह. इससे 50 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावनाएं मानी जा रही है. योगी सरकार लालफीताशाही, अड़ियल अफसरशाही, सिस्टम में पर्दे के पीछे की सौदेबाजी, सिंगल विंडो के नाम पर खानपूर्ति, खराब कानून व्यवस्था और बिजली का बुरे हाल के अवरोध को दूर करके निवेश की राह खोलने की कोशिश कर रही है.
इस समिट में योगी सरकार का निवेश पर फोकस है. सरकार ने पर्यटन, स्टार्ट-अप, कृषि एवं फूड, टेक्सटाइल, प्रोसेसिंग, डेयरी में निवेश की नीति लाने की पहल है.
इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. करीब 5000 उद्योगपति शामिल हो रहे हैं. इन्वेस्टर्स समिट में थीम पार्क स्कूल के लिए एसेल ग्रुप से सरकार को निवेश की उम्मीद है.
इन्वेस्टर्स समिट के जरिए पिछले पांच साल में 56 हजार करोड़ का निवेश हुआ है. 35 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला.
यूपी हस्तकला के निर्यात में 44 फीसदी निर्यात में है, तो वहीं लेदर प्रोडक्ट में 26 फीसदी, कालीन में 39 फीसदी और 90 फीसदी कार्पेट और उससे जुड़े हुए उत्पादों निर्यात करता है.