प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में ऐतिहासिक भाषण के एक महीने बाद नवंबर को वह म्यांमार, ऑस्ट्रेलिया और फिजी के दौरे पर गए. इसी दौरे के दौरान मोदी ने सिडनी के ऑलफोंस एरिना में अप्रवासी भारतीयों के समक्ष जोरदार भाषण दिया. उनका भाषण सुनने के लिए करीब 16 हजार अप्रवासी ऑलफोंस एरिना में मौजूद थे. (Photo-REUTERS)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अप्रैल, 2015 में कनाडा के दौरे पर गए जहां उन्होंने टोरंटो के रिको कोलोजियम स्टेडियम में अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया. इस कार्यक्रम में करीब 10 हजार अप्रवासी भारतीय आए थे. (Photo-Narendramodi.in)
चीन के मशहर शहर शंघाई में भी प्रधानमंत्री मोदी अप्रवासी भारतीयों को संबोधित कर चुके हैं. 16 मई, 2015 को मोदी ने लगभग 5 हजार अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया था, तब वह 3 दिन के चीन दौरे पर गए थे. अपने भाषण के दौरान मोदी ने कहा था कि आज विश्व के मानचित्र पर एक नई हवा, वक्त वहां भी बदला है. सारी दुनिया देख रही है कि विकासशील देश विशेषकर भारत और चीन मिलकर विश्व को एक नया उमंग, नया उत्साह और नई गति देने के लिए सामर्थ्यवान हैं और भारत ने ये दायित्व निभाया भी है और मैं देशवासियों को आपको ये विश्वास दिलाता हूं, हिंदुस्तान इसके लिए पूरी तैयारी कर रहा है. हमारे पास विश्व को देने के लिए बहुत कुछ है. (Photo-REUTERS)
2015 में ही पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने सभी पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए लंदन के वेम्बले स्टेडियम में अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया. 14 नवंबर, 2015 को आयोजित इस कार्यक्रम में 60 हजार अप्रवासी भारतीयों ने हिस्सा लिया. उनके भाषण के दौरान मंच पर तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन भी मौजूद थे. (Photo-REUTERS)
साल 2017 में 26 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया. उनके इस कार्यक्रम में 11 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए. (Photo-REUTERS)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 सितंबर, 2017 में म्यांमार के पुराने शहर यंगून में हजारों की संख्या में मौजूद अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया. (Photo-PMO)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 1 महीने के अंदर 3 बार अलग-अलग शहरों में अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया है. पेरिस, बहरीन के बाद ह्यूस्टन में मोदी ने अप्रवासी भारतीयों को संबोधित किया. लंदन के बाद ह्यूस्टन में मोदी ने राष्ट्राध्यक्ष के समक्ष अपना भाषण दिया. ह्यूस्टन में मोदी का भाषण सुनने के लिए 50 हजार से ज्यादा अप्रवासी भारतीय लोग थे. लेकिन ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के सामने लंदन में 60 हजार लोगों के बीच भाषण का रिकॉर्ड अभी भी कायम है और ह्यूस्टन इसके करीब पहुंचा, लेकिन रिकॉर्ड तोड़ नहीं सका. (REUTERS)