गणतंत्र दिवस से पहले शनिवार को दिल्ली में रिपब्लिक डे परेड का फुल ड्रेस रिहर्सल हुआ. इसके लिए इंडिया गेट और आसपास के इलाकों को सुरक्षा किले में तब्दील कर दिया गया था.
आतंकी हमलों के अलर्ट के मद्देनजर दिल्ली भर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जगह-जगह चेकिंग की जा रही है. इस बार फ्रांसीसी सेना की टुकड़ी भी गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा ले रही है. फुल ड्रेस रिहर्सल में फ्रांसीसी सेना की टुकड़ी ने भी हिस्सा लिया.
नौसेना इस बार गणतंत्र दिवस परेड की लीड फोर्स है. गणतंत्र दिवस परेड पर नौसेना की महिला अधिकारी लेफ्टिनेंट अंबिका नौटियाल ध्वजारोहण करेंगी और एक महिला अधिकारी, प्रिया जयकुमार ही 29 जनवरी को बीटींग रिट्रीट समारोह के बाद गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के समापन के वक्त राष्ट्रीय ध्वज को अवरोहित करेंगी.
गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल में विभिन्न सुरक्षाबलों के दस्तों ने हिस्सा लिया. आर्मी का कैमल कंटिन्जेंट और डॉग स्कॉवयड समेत तमाम टुकड़ियों ने फुल ड्रेस रिहर्सल में हिस्सा लिया.
इस बार असम, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल समेत 17 राज्यों की झांकी परेड का हिस्सा होंगी. इसके अलावा केंद्र सरकार के 5 मंत्रालयों की झांकियों के अलावा चुनाव आयोग की भी एक झांकी होगी.
26 जनवरी को परेड सुबह 10 बजे बजे से 11.30 बजे तक होगी. परेड की समयावधि को 114 मिनट से इस बार करीब 97 मिनट कर दिया गया है.
नौसेना के दस्तों की अगुवाई एक मार्कोज कमांडो लेफ्टिनेंट कमांडर अनिल रैना करेंगे. उनके साथ तीन महिला अधिकारी बतौर प्लाटून कमांडर होंगी.
इस बार गणतंत्र दिवस पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के मुख्य अतिथि होने की वजह से आईएस और अलकायदा से खतरा और बढ़ गया है.
जमीन से आसमान तक हर जगह पहरा रहेगा, ताकि कहीं कोई चूक की गुजाइंश न रहे. फुल ड्रेस रिहर्सल में डमी फ्रांसीसी राष्ट्रपति, डमी राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, डमी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित तमाम वीआईपीज के समारोह स्थल पर आने की योजना के मद्देनजर पूरी तैयारी की गई थी. राजपथ पर दोनों ओर एनएसजी के कमांडो दस्ते को तैनात किया गया था.
वायुसेना के दस्ते के साथ झांकी में आपदा राहत में वायुसेना के विभिन्न मिशनों को दिखाया जाएगा. परेड में डीआरडीओ सर्विलांस रडार और शॉर्ट रेंज मिसाइल की ताकत बताएगा.
पैरामिलेट्री के 10 हजार जवान तैनात किए गए हैं. इसके अलावा दिल्ली पुलिस के हजारों जवान भी तैनात रहेंगे. 600 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.
वन रैंक वन पेंशन लागू करने के बाद इस बार पूर्व सैनिकों का दस्ता भी राजपथ पर कदमताल करने की बजाए एक झांकी वाहन पर सवार नजर आएंगे.