कश्मीर घाटी में रमजान का पवित्र महीना खत्म होते ही सीजफायर भी समाप्त हो गया. सरकार ने जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन ऑल आउट को दोबारा शुरू करने का ऐलान कर दिया. अब आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई भी शुरू हो गई है. साथ ही पत्थरबाजों से निपटने के लिए भी खास रणनीति बनाई गई है. इस बार महिला पत्थरबाजों की भी खैर नहीं होगी. इनसे निपटने के लिए महिला कमांडो को तैयार किया जा रहा है.
मालूम हो कि घाटी में रमजान के पवित्र महीने पर सेना ने एकतरफा संघर्ष विराम का ऐलान किया था, लेकिन रमजान के दौरान कई आतंकी हमले होने के बाद सवाल उठे थे. इस बीच पत्थरबाजी की भी घटनाएं हुईं. ईद की नमाज के फौरन बाद भी पत्थरबाजों ने सुरक्षा बलों पर हमला किया था.
इन सभी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आतंकियों के खिलाफ फिर से ऑपरेशन शुरू करने का फैसला लिया है. आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पत्थरबाज सुरक्षा बलों के लिए सबसे बड़ी बाधा पैदा करते हैं. आतंकी इन पत्थरबाजों को ढाल बनाते हैं और कई बार बच निकलने में कामयाब हो जाते हैं. पत्थरबाजी में महिलाएं भी शामिल रहती हैं.
ऐसे में इनसे निपटने के लिए सीआरपीएफ महिला कमांडो को तैयार किया जा रहा है. इनको पत्थरबाजों से निपटने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है. जल्द ही ये महिला कमांडो कश्मीर घाटी में पत्थरबाजों को सबक सिखाती नजर आएंगी. इससे आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में तेजी आएगी.
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीजफायर खत्म करने का ऐलान करते हुए कहा था कि सुरक्षाबलों ने रमजान के महीने में शांति बरती और कोई कठोर कदम नहीं उठाया. यह फैसला जम्मू-कश्मीर के शांतिप्रिय लोगों के हित में लिया गया था, ताकि रमजान के पाक महीने में लोगों के लिए अनुकूल वातावरण हो और खून-खराबे का माहौल न रहे, लेकिन सरकार ने अब सुरक्षा बलों के हाथ पूरी तरह खोल दिए हैं.
वहीं, रमजान के महीने में सीमा पार से पाकिस्तान ने भी जमकर गोलीबारी की थी. इस दौरान सेना के जवान औरंगजेब को अगवा कर आतंकियों ने उनकी हत्या कर दी थी. इसके अलावा कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी पर आतंकियों ने हमला कर उन्हें गोलियों से भून डाला.