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भारत

बुलेट ट्रेन ही नहीं, ये 4 सबसे तेज ट्रेनें भी आ रही हैंं भारत

aajtak.in
  • 14 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 9:23 AM IST
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जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे आज भारत के दौरे पर पहुंच रहे हैं. अपने तीन दिवसीय दौरे पर वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर भारत को बुलेट ट्रेन का तोहफा देंगे. दोनों नेता मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे. बुलेट ट्रेन को देश में दौड़ने में तो अभी समय है, लेकिन इसके अलावा 4 अन्य हाईस्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट्स भी भारत आ रहे हैं.

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ये हाईस्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट्स न सिर्फ भारत की रफ्तार बढ़ाएंगे, बल्‍कि यहां की मैन्युफैक्चरिंग को भी बूस्ट मिलेगा. जहां आपको एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने में घंटों लगते हैं, वहां इन ट्रेनों के बाद चंद मिनटों में सफर पूरा हो जाएगा.

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बुलेट ट्रेन के अलावा कई और हाईस्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट्स को लेकर भारत में काम चल रहा है. इनमें से कुछ पर काम शुरू हो गया है, तो कुछ पर अभी काम शुरू होना बाकी है. आगे हम आपको बता रहें बुलेट ट्रेन समेत उन हाईस्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट्स के बारे में, जो भारत आ रहे हैं.

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बुलेट ट्रेन :
भारत में पहली बुलेट ट्रेन 2022 से अपना सफर शुरू कर सकती है. बुलेट ट्रेन की स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी. अहमदाबाद से मुंबई पहुंचने में इसे महज दो घंटे लगेंगे.  मौजूदा समय में अहमदाबाद से मुंबई पहुंचने के लिए 7 से 8 घंटे का समय लगता है.

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टैल्गो :
ट्रेन से सफर को आसान और तेज बनाने के लिए भारतीय रेलवे भारत में हाईस्पीड ट्रेन टैल्गो लेकर आ रही है. यह ट्रेन 150 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ेगी. दिल्ली से मुंबई के बीच का सफर 12 घंटे से भी कम समय में पूरा किया जा सकेगा. इसका ट्रायल रन यूपी के  बरेली और मुरादाबाद के बीच किया जा चुका है. 

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मैगलेव :
मैगलेव दुनिया की सबसे तेज ट्रेनों में से एक है. भारत आ रही बुलेट ट्रेन से भी ज्यादा इसकी स्पीड है. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह ट्रेन 500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है. रेल मंत्रालय  ने रेल इंडिया टेक्न‍िकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (आरआईटीईएस) को 6 महीने के भीतर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है.

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हाइपरलूप :
भारत उन देशों की फेहरिस्त में शामिल हो सकता है, जो सबसे पहले सुपर फास्ट ट्रा्ंसपोर्टेशन सिस्टम हाइपरलूप को तैयार कर सकते हैं. फिलहाल देश में हायपरलूप लगाने का प्रस्ताव परिवहन मंत्रालय के लिए पास पड़ा हुआ है. अगर परिहवन मंत्री नितिन गडकरी इस प्रस्ताव को पास कर लेते हैं, तो हर दिन 1.44 लाख यात्री सफर कर सकेंगे. इसके टिकट का प्राइस 200 व उससे कम रखने का प्रस्ताव है.

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रैपिड रेल ट्रांजिट :
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट कॉरिडोर (RRTC) हाइस्पीड ट्रेन तो नहीं है, लेकिन इस पर ट्रेनें तेज रफ्तार से चलेंगी. RRTC को नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की मंजूरी मिल चुकी है. इस रूट पर ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ेंगी. यह कॉरिडोर दिल्ली से मेरठ के बीच ट्रेन से सफर को 60 मिनट कम कर देगा. यह कॉरिडोर 92 किलोमीटर लंबा होगा.

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