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राम के वंशज होने का करते हैं दावा, अब मिला अयोध्या का प्राचीन नक्शा

aajtak.in
  • 13 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 1:46 PM IST
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एक तरफ जहां कुछ राजघराने और लोग भगवान श्री राम के वंशज होने का दावा कर रहे हैं वहीं अब दूसरी तरफ जयपुर के संग्रहालय में अयोध्या का प्राचीन नक्शा मिलने की बात सामने आई है. इन नक्शों में राम की नगरी अयोध्या की पूरी जानकारी है. नक्शे में अयोध्या नगर में बने महल और तमाम व्यवस्थाओं को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. (तस्वीर -निखिल शर्मा)

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राजस्थान के मेवाड़ राजघराने के महेंद्र सिंह मेवाड़ ने दावा किया था कि मेवाड़ राज परिवार भगवान राम के पुत्र लव का वंशज है. मेवाड़ के पूर्व राजकुमार लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने दावा करते हुए बताया था कि कर्नल जेम्स टॉड ने अपनी पुस्तक 'एनल्स एंड एक्विटीज ऑफ राजस्थान' में जिक्र किया था कि श्रीराम की राजधानी अयोध्या थी और उनके बेटे लव ने लव कोट यानी लाहौर बसाया था. जबकि लव के वंशज बाद में गुजरात से होते हुए आहार यानी मेवाड़ में आकर बस गए जहां सिसोदिया राज्य की स्थापना हुई थी. (तस्वीर - निखिल शर्मा)


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पूर्व राजकुमार लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपने दावे में कहा कि मेवाड़ का राज प्रतीक सूर्य है. श्रीराम भी शिव के उपासक थे और मेवाड़ परिवार भी भगवान शिव का उपासक है. यह मेवाड़ आज श्रीराम के वंशज होने के दावे को प्रमाणित करता है. (तस्वीर - निखिल शर्मा)

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राजस्थान के राजसमंद से बीजेपी सांसद दीया कुमारी ने पिछले दिनों दावा किया था कि वह श्री राम की वंशज हैं और श्रीराम के बेटे कुश से उनका रजवाड़ा निकला है. दूसरी तरफ करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र कालवी ने जयपुर की पूर्व राजकुमारी दिया कुमारी का समर्थन करते हुए कहा था कि वह कुश की वंशज हैं और हम लव के वंशज हैं. हालांकि उन्होंने यह भी साफ करने की कोशिश की थी कि यह बहस राम के वंशजों के बारे में नहीं बल्कि अयोध्या की भूमि को लेकर है. (तस्वीर - निखिल शर्मा)

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दीया कुमारी ने एक पत्रावली के जरिए इसके सबूत भी पेश किए थे जिस पर अयोध्या के राजा श्री राम के वंश के सभी पूर्वजों का क्रमवार नाम लिखा हुआ है. इसी में 209वें वंशज के रूप में सवाई जयसिंह और 307 वें वंशज के रूप में महाराजा भवानी सिंह का नाम लिखा हुआ है. (तस्वीर - निखिल शर्मा)

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भगवान राम के वंशज होने का दावा देशभर से किया जा रहा है. कोई राजस्थान के राजघराने से दावा कर रहा है तो कहीं जातियां दावा कर रही हैं. हालांकि, अयोध्या में दिन-रात भगवान राम की सेवा करने वाले या रामकथा कहने वालों के मुताबिक राम के वंशज तो हैं लेकिन सिर्फ दावे से नहीं होगा, उसे प्रमाणित भी करना होगा. रामजन्म भूमि के मुख्य पुजारी सतेंद्र दास ने कहा, 'देखिए भगवान राम ने 11 हजार साल तक राज किया और उसके बाद अपने परम धाम गए. परम धाम जाने के पहले उन्होंने अपने बेटे लव और कुश को अपना साम्राज्य सौंपा था. राम के सभी भाइयों को दो-दो पुत्र थे. सबके दो-दो बेटे थे तो उनके वंश भी हैं, लेकिन प्रमाणित यह करना पड़ेगा कि कौन उनके वंशज हैं. (तस्वीर - निखिल शर्मा)

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