माइग्रेन (Migraine) नाड़ीतंत्र की विकृति से उत्पन्न एक रोग है जिसमे बार बार सिर के अर्ध भाग में मध्यम से तीव्र सिरदर्द होता है. यह सिर किसी एक अर्ध भाग में होता है और दो घंटे से लेकर दो दिन की अवधि तक रहता है. माइग्रेन के आक्रमण के समय अक्सर रोगी प्रकाश और शोर के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो जाता है. इसके अन्य लक्षणों में उलटी होना, जी मिचलाना तथा शारीरिक गतिविधियों के साथ दर्द का बढ़ जाना शामिल है. जानिए माइग्रेन को दूर करने के लिए कौन से योगासन ऐसे हैं जो लाभदायक साबित हो सकते हैं...
हस्त-पादासन-
सीधे खड़े होकर आगे की तरफ झुकने से हमारे नाड़ी तन्त्र में रक्त की आपूर्ति अधिक होती है जिससे वह प्रबल होता है. इससे मन भी अधिक शांत होता है.
सेतुबन्धासन-
यह आसन मस्तिष्क को शांत करता है तथा इसके अभ्यास से व्यक्ति चिंता-मुक्त हो जाता है.
शिशु-आसन (Child pose)-
यह आसन नाड़ी तन्त्र को शिथिल व शान्त करता है तथा प्रभावी रूप से पीड़ा को कम करता है.
मर्जरासन (Cat stretch)-
इस आसन से रक्त संचार बढ़ता है और या मन को शांत करता है.
पश्चिमोतानासन (Two-legged Forward bend)-
बैठ कर दोनों पैरो को आगे की ओर फैला कर, हाथों को पैर की तरफ ले जाते हुए आगे की ओर झुकने से मस्तिष्क शांत होता है और तनाव दूर होता है. इस आसन से सिरदर्द में भी आराम मिलता है.
अधोमुखश्वानासन (Downward Facing Dog pose)-
नीचे की ओर चेहरा रखते हुए श्वानासन करने से रक्त संचार में वृद्धि होती है जिससे सिर दर्द से मुक्ति मिलती है.
पद्मासन (Lotus pose)-
पद्मासन में बैठने से मन शांत होता है और सिर दर्द मिट जाता है.
शवासन (Corpse pose)-