प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 35 मिनट बातचीत हुई, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद के राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा हुई. भारत ने स्पष्ट किया कि किसी तीसरे देश की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की जाएगी. भारत ने साफ किया कि यदि कोई आतंकी हमला हुआ तो भारत उसे युद्ध मानेगा और युद्ध मानकर उसका जवाब देगा.