सरकार विपक्ष की संसद के विशेष सत्र की मांग पर विचार नहीं कर रही है; सरकारी सूत्रों के अनुसार जुलाई में मॉनसून सत्र होने के कारण विशेष सत्र का औचित्य नहीं है. विपक्ष पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर, सीडीएस के बयान और संघर्ष विराम की घोषणा जैसे मुद्दों पर चर्चा चाहता है.