जब अस्पताल में बच्चे ने दम तोड़ दिया, तो बजरंगी अस्पताल वालों के सामने रोया कि वो गरीब है उसके पास पैसे नहीं है, वो गिड़गिड़ाया कि किसी तरह से एंबुलेंस का प्रबंध करा दीजिए मगर पाषाण हो चुके अस्पताल के नीति नियंताओं ने इस आदमी की एक न सुनी. आखिरकार मजबूरी में
बेबसी में और बदहवासी में इस आदमी ने अपने बच्चे को कंधे पर उठा लिया और चल पड़ा अपनी गांव की ओर, सुनकर कांप जाएंगे आप कि पूरे 25 किलोमीटर तक ये आदमी यूं ही अपने बच्चे के शव को लादकर पैदल घर आया. देखें ये वीडियो.
There was no money for ambulance, father reached home on foot 25KM with son's body on his shoulder. Watch this video to know the harsh reality of health system.