किसी और से शादी रचाकर 5 साल तक चलाया अफेयर, प्रेमिका ने केस दायर कर मांगा 3 करोड़ का हर्जाना

साल 2019 में आरोपी कौस्तव ने परिवार की मर्जी की लड़की से शादी कर ली और इस बारे में प्रेमिका और दोस्तों को बताए बिना पत्नी के साथ बेंगलुरु में रहने लगा. इस दौरान उसने सच छुपाने के लिए सोशल मीडिया से भी दूरी बना ली. साल 2019 से 2021 तक वह महिला से मिलने बेंगलुरु और मुंबई आता रहा और उसके परिवार से भी मिलता रहा.

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5 साल तक शादी की बात छिपाकर चलाया अफेयर 5 साल तक शादी की बात छिपाकर चलाया अफेयर

अनीषा माथुर

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  • 13 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 11:59 AM IST

दिल्ली की एक महिला ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक शख्स पर मुकदमा कर 3 करोड़ रुपये का जुर्माना मांगा है. महिला का आरोप है कि शख्स ने शादीशुदा होने की बात छुपाई और 5 सालों तक उसके साथ संबंध रखा. दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले में शख्स के खिलाफ नोटिस जारी किया है. याचिकाकर्ता और युवक दोनों ही अलग- अलग आईआईएम से पढ़कर बड़ी कंपनियों में उच्च पद पर काम कर रहे  थे और साल 2016 में यूरोप में एक कार्यक्रम में मिले थे.

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इसके बाद भारत लौटने पर भी दोनों ने रिश्ते को जारी रखा. इस दौरान युवक महिला के परिवार से भी कई बार मिला और उसके साथ शादी करने की बात कही. इसके बाद एक स्टार्टअप में काम के लिए बेंगलुरु जाने से पहले आरोपी कौस्तव ने मुंबई में महिला के साथ लंबे समय तक काम किया.

आरोप है कि साल 2019 में कौस्तव ने परिवार की मर्जी की लड़की से शादी कर ली और इस बारे में प्रेमिका और दोस्तों को बताए बिना पत्नी के साथ बेंगलुरु में रहने लगा. इस दौरान उसने सच छुपाने के लिए सोशल मीडिया से भी दूरी बना ली. साल 2019 से 2021 तक वह महिला से मिलने बेंगलुरु और मुंबई आता रहा और उसके परिवार से भी मिलता रहा. महिला ने बताया कि साल 2021 में उसकी पत्नी के सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उसे सारी सच्चाई पता लगी. इसके बाद युवक ने सच कबूल कर लिया कि उसने झूठ बोला था.

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महिला का आरोप है कि झूठ और रिश्ते में रहकर वित्तीय खर्च के चलते उसे नुकसान हुआ है. साथ ही वह इस धोखे के चलते मानसिक तनाव से भी गुजरी है और डिप्रेशन का इलाज करा रही है. महिला ने 3 करोड़ से अधिक का हर्जाना मांगा है. उसने यह भी कहा है कि यदि अदालत द्वारा कोई हर्जाना दिया जाता है, तो वह उसे यौन उत्पीड़न और घरेलू हिंसा पीड़ित लोगों के साथ काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों को सौंप देगी.

फोन पर इंडिया टुडे से बात करते हुए, महिला ने कहा कि उसने सिविल मुकदमेबाजी को चुना क्योंकि वह "बलात्कार" की एफआईआर दर्ज नहीं करना चाहती थी और आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं करना चाहती थी.  दिल्ली उच्च न्यायालय ने अभी कौस्तव को नोटिस जारी किया है और अब 20 अप्रैल को याचिका पर आगे सुनवाई करने के लिए तैयार है.

 

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