देश के कई राज्यों में मॉनसून का सितम जारी है. पहाड़ी इलाकों में बारिश आफत बनकर बरस रही है. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग 3 का एक हिस्सा व्यास नदी के उफान के चपेट में आने से बह गया है. साथ ही मंडी जिले के पंडोह का लाल पुल भी इसी नदी के उफान के चलते टूट गया. कसोल में ग्राहण नाले में अचानक आया पानी वहां कें पार्किंग में खड़ी गाड़ियों को बहा ले गया. वहीं, उत्तराखंड में भूस्खलन के चलते बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिया गया है.
पहाड़ों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी बारिश मुसीबत लेकर आई है.पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भी बारिश का कहर दिख रहा. गुरुग्राम में पास के इलाके में गंभीर जलजमाव हो गया है. प्रशासन द्वारा बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने का निर्देश दिया गया है. दिल्ली में मिंटो ब्रिज के अंडरपास के नीचे पानी भर गया है, जिसके चलते उसे बंद कर दिया गया. वहीं, चंपंजाब में भी बारिश ने कम कहर नहीं मचाया है. चंडीगढ़ की एक सोसायटी बारिश के चलते भारी जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई. इसके चलते सोसायटी के अंदर प्रशासन को नावें चलानी पड़ी.
11 और 12 जुलाई को चमोली, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ, बागेश्वर, अल्मोडा, चंपावत, नैनीताल, उधम सिंह नगर के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा देहरादून और हल्द्वानी में स्कूल 10 जुलाई को बंद रहेंगे.
उत्तराखंड में 3 नेशनल हाइवे, 10 स्टेट हाइवे, 61 गांवों से निकलने वाले हाइवे लैंडस्लाइड के चलते बंद हैं. उत्तरकाशी-यमुनोत्री (NH-94) और उत्तरकाशी-गंगोत्री (NH-108) भूस्खलन के चलते बंद हैं. इसके अलावा देहरादून में NH-707A भी बंद कर दिया गया है. आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Disaster Management Authority) ने पर्यटकों, तीर्थयात्रियों से उच्च हिमालयी स्थानों पर जाने से बचने का आग्रह किया है. बचाव और राहत के लिए एनडीआरएफ के साथ एसडीआरएफ की 34 कंपनियां तैयार हैं.
उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में 13 जुलाई तक बहुत भारी बारिश की संभावना है. सभी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट के साथ-साथ रेड अलर्ट भी जारी किया गया है. अलग-अलग इलाकों में बिजली गिरने, मकान गिरने से कई हादसे हुए हैं और अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है व 14 लोग घायल हुए हैं.
कुल्लु में प्रकृति का कहर कम होने का नाम नही ले रहा है. ट्रक यूनियन कुल्लू में उफनती व्यास नदी का पानी घुस गया. पानी के बहाव में 4 ट्रक बह गए हैं.
रविवार यानी 9 जुलाई को लगातार तीसरे दिन लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के एक बड़े हिस्से में बारिश और बेमौसम बर्फबारी दर्ज की गई. इसके चलते 5 लोगों की मौत की खबर है. मरने वालों में सेना के दो जवान भी है
भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर देहरादून जिलाधिकारी ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालयों को 10 जुलाई को अवकाश के आदेश दिए. उत्तराखंड में मौसम विभाग ने 13 तरीख तक भारी से बहुत भारी वर्षा के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है.
भारी बारिश के चलते सीलमपुर थाने के सामने एक मकान गिर गया. इसके चलते कई लोग बुरी तरह घायल हो गए हैं. घायलों तो अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
भारी बारिश के चलते हिमाचल प्रदेश में 736 सड़कें आवाजाही के लिए बंद कर दिए गए हैं. राज्य में 13 जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गई. राष्ट्रीय राजमार्ग 21 को बंद कर दिया गया है.व्यास नदी के उफान के चलते मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. राज्य सरकार ने पर्यटकों को खासकर नदी किनारे के इलाकों में न जाने की एडवाइजरी जारी की है.
भारी बारिश को देखते हुए मोहाली प्रशासन ने 10 जुलाई को शहर के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रखने का निर्देश दिया है.
भारी बारिश के चलते पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही देखी जा रही है. स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की. इस दौरान भारी बारिश से हुए नुकसान के बारे में अपडेट लिया. गृह मंत्री ने दोनों राज्यों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया.
पंजाब के कई शहरों में बारिश से भारी तबाही मची है. मोहाली में तो बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. कई कॉलोनियों में नावें चलानी पड़ रही हैं. इसके अलावा सड़कों पर गाड़ियां भी बहते दिख रही हैं.
गौतमबुद्धनगर जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा ने भारी बारिश के चलते जिले में कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के स्कूल को 10 जुलाई तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं.
दिल्ली में पिछले 24 घंटों में 150 मिमी से ज्यादा बारिश हुई. 40 साल का रिकॉर्ड टूट गया. साल 1982 में इससे ज्यादा बारिश हुई थी.
भारी बारिश के चलते हिमाचल प्रदेश का व्यास नदी उफान पर है. इसके चलते मंडी का पंचवक्त्र मंदिर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. साथ ही मंडी में बंजार औट बाईपास को औट से जोड़ने वाला 40 साल पुराना पुल व्यास नदी के उफान में बह गया है.
नई दिल्ली और आसपास के क्षेत्र में भारी बारिश के दौरान भी नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के अधिकारी अपने क्षेत्र में जलभराव को रोकने के लिए बारिश के पानी को निकालने की कोशिश कर रहे हैं. बता दें कि एनडीएमसी ने बरसात के मौसम में किसी भी प्रकार के जल जमाव से बचने के लिए एनडीएमसी क्षेत्र में सांगली मेस, खान मार्केट, नेताजी नगर, मालचा मार्ग, मंदिर मार्ग और हनुमान रोड (ड्रेनेज सर्विस सेंटर) में पहले से ही छह नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं.
हरियाणा द्वारा हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में 1 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली सरकार ने बाढ़ की चेतावनी जारी की है: रविवार को दोपहर 1 बजे पुराने रेलवे ब्रिज पर यमुना का जल स्तर 203.18 मीटर था. चेतावनी स्तर 204.5 मीटर है. केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के मुताबिक दिल्ली में यमुना नदी में जल स्तर बढ़ रहा है और मंगलवार को इसके खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार करने की आशंका है.
रोहिणी के सेक्टर 23-24 की रेड लाइट के बीच सड़क धंस गई है. इसके चलते सड़क के आसपास काफी बड़ा गड्ढा हो गया है. फिलहाल, बैरिकेडिंग करके सड़क को बंद कर दिया गया है. 2 दिन पहले दिल्ली के जनकपुरी इलाके में भी ऐसे ही सड़क धंस गई थी.
शनि मंदिर औट के पास भूस्खलन और पहाड़ों से चट्टानें खिसकने के कारण मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया. भूस्खलन के कारण कटौल होते हुए मंडी-कुल्लू मार्ग भी बंद हो गया है. पंडोह-गोहर-चैलचौक-बग्गी-सुंदरनगर सड़क खुली लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पंडोह का लाल पुल व्यास नदी में आए उफान के चलते टूट गया है. इसके अलावा पूरे पंडोह बाजार में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है.
मिंटो ब्रिज के अलावा खान मार्केट में भी भारी जलजमाव देखा गया. इसके अलावा कई सांसदों के बंगलों के अंदर भी बारिश का पानी भर गया है. नीति आयोग के सदस्य डॉ बीके पाल के घर में भी पानी घुस गया है. कई केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों के के घर के अंदर जलजमाव देखा जा रहा है.
भारी बारिश के चलते मिंटो ब्रिज अंडरपास ब्रिज के नीचे भी पानी भर गया है. ऐहतियातन मिंटो ब्रिज को बंद कर दिया गया है. ब्रिज के पास ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.
भारी बारिश के कारण रविवार को गुरुग्राम के कई हिस्सों में गंभीर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. प्रशासन ने कॉर्पोरेट कंपनियों को अपने कर्मचारियों से सोमवार को घर से ही काम करने की सलाह दी है. साथ ही स्कूलों को भी बंद रखने का निर्देश दिया गया है. बारिश के चलते गुरुग्राम में सड़कें, पार्क, अंडरपास, बाजार और यहां तक कि स्कूल और अस्पताल भी जलमग्न हो गए हैं.