हिंदुओं की घटती जन्मदर चिंता का विषय, हर हिंदू परिवार में 3 बच्चे होने चाहिए: VHP

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने शनिवार को हिंदुओं की घटती जन्मदर पर चिंता जताई और हर हिंदू परिवार में कम से कम तीन बच्चे होने की अपील की.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

aajtak.in

  • प्रयागराज,
  • 25 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 11:12 PM IST

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने शनिवार को हिंदुओं की घटती जन्मदर पर चिंता जताई और हर हिंदू परिवार में कम से कम तीन बच्चे होने की अपील की. विहिप के केंद्रीय महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा ने महाकुंभ नगर में आयोजित विराट संत सम्मेलन में कहा, 'हिंदुओं की घटती जन्मदर ने देश में हिंदू आबादी के संतुलन को प्रभावित किया है. हिंदू समाज के पूज्य संतों ने हर हिंदू परिवार में कम से कम तीन बच्चे पैदा करने का आह्वान किया है.'

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बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार
बांगड़ा ने बैठक में 'बांग्लादेश में हिंदुओं पर प्लानिंग के तहत हो रहे अत्याचार का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा, 'भारत में भी कुछ तत्व हिंदुओं को धमकाकर बांग्लादेश जैसी स्थिति बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हिंदुओं को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.'
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड के स्वेच्छाचारी और असीमित अधिकारों को सीमित करने के लिए कानून में सुधार कर रही है.

कार्यक्रम में शामिल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा महाकुंभ में पूरी दुनिया को दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा, 'यह संदेश पूरे देश के लिए दिव्य होना चाहिए, जिसके लिए विहिप की कोशिश अद्वितीय हैं. आज इस विराट संत सम्मेलन के माध्यम से यह प्रयास साकार हो रहा है.'

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राम मंदिर का जिक्र
योगी ने कहा, 'सनातन धर्म 500 वर्षों से जिस सपने की प्रतीक्षा कर रहा था, वह राम लला के दिव्य और भव्य रूप में उनके जन्मस्थान पर विराजमान होने से पूरा हुआ है.' उन्होंने यह भी कहा कि 2016 में अयोध्या में केवल दो लाख लोग आए थे, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 15 करोड़ हो गई.

उन्होंने कहा, 'हमने अशोक सिंघल को याद किया जो आज हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी आत्मा यह देखकर प्रसन्न होगी.

मथुरा और काशी की ओर कदम
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम जन्मभूमि के बाद अब मथुरा और काशी के सपने को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है.

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा, 'यह वही पवित्र भूमि है, जहां गंगा, यमुना और सरस्वती के तट पर हिंदू समाज के लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं.'

ओडिशा के प्रभाकर दास महाराज ने हिंदू समाज की एकता पर जोर दिया, जबकि वाल्मीकि समाज के योगी उमेश नाथ महाराज ने हिंदू समाज से अपनी जनसंख्या बढ़ाने की अपील की. विहिप ने अपने बयान में इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया और हिंदू समाज से इसके संदेश को अपनाने की अपील की.

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