कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार को मृत छात्रा नेहा हिरेमठ के पिता से फोन पर बात की. उनकी बेटी की हत्या पर ‘दुख’ जताते हुए आश्वासन दिया कि ‘हम आपके पक्ष में रहेंगे.’ मुख्यमंत्री ने हुबली-धारवाड़ नगर निगम के कांग्रेस पार्षद निरंजन हिरेमथ को हत्या के मामले को आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंपने और फास्ट-ट्रैक सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत स्थापित करने के सरकार के फैसले के बारे में भी बताया.
राज्य के कानून और संसदीय मामलों के मंत्री एचके पाटिल ने हिरेमठ के घर का दौरा किया था. इस दौरान सिद्धारमैया ने फोन पर हिरेमठ से कहा, ‘निरंजन… हमें बहुत खेद है. हम आपके पक्ष में रहेंगे.’ स्पीकर पर पाटिल के साथ फोन पर हुई बातचीत में सिद्धारमैया ने हिरेमठ को मामले की सीआईडी जांच कराने और एक विशेष अदालत स्थापित करने के बारे में सूचना देते हुए सुना गया.
फोन पर सिद्धारमैया ने कही ये बात
इस दौरान सिद्धारमैया ने कहा कि यह एक गंभीर अपराध है… एक विशेष अदालत स्थापित करके हम आरोपी व्यक्ति के लिए सजा सुनिश्चित करेंगे.’ इसके बाद निरंजन हिरेमथ ने अपने परिवार के शुभचिंतकों और समुदाय की ओर से सिद्धारमैया को धन्यवाद दिया. निरंजन ने कहा, ‘'जल्द से जल्द आदेश सुनिश्चित करें और हमें न्याय प्रदान करें.’ उन्होंने राज्य के कानून और संसदीय मामलों के मंत्री एचके पाटिल, गृह मंत्री जी परमेश्वर, स्थानीय कांग्रेस विधायक प्रसाद अब्बय्या और अन्य लोगों को भी अपना समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.
कॉलेज के बाहर की थी नेहा की हत्या
बताते चलें कि एक चौंकाने वाली घटना में 23 साल की नेहा हिरेमठ की पिछले गुरुवार को बीवीबी कॉलेज के परिसर में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी. नेहा मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) प्रथम वर्ष की छात्रा थी. फैयाज पहले उसका सहपाठी. उसने एक तरफा इश्क में पीड़िता की हत्या कर दी थी. आरोपी फयाज खोंडुनाईक वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से भाग गया था. पुलिस ने बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया था.
लव जिहाद के केस में हत्या का आरोप
इस नृशंस हत्या के मामले के बाद व्यापक पैमाने पर आक्रोश फैल गया था. सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच यह मुद्दा राजनीतिक खींचतान में बदल गया है. जहां सत्तारूढ़ दल ने इसे व्यक्तिगत दृष्टिकोण से हुई घटना के रूप में पेश करने की कोशिश की है. वहीं, भगवा पार्टी ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला बताया है. भाजपा ने कहा कि यह राज्य में कानून-व्यवस्था की गिरावट का प्रमाण है.
इससे पहले सिद्धारमैया ने बयान दिया था कि हत्या ‘व्यक्तिगत कारणों’ के कारण हुई थी. गृह मंत्री जी परमेश्वर ने टिप्पणी कि थी कि दोनों प्यार में थे. मगर, निरंजन हिरेमथ और उनके परिवार के सदस्यों और विपक्षी दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.
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