वंदे भारत: हादसे रोकने के लिए हरकत में रेलवे, गांववालों को चेतावनी- मवेशियों को कंट्रोल करो या एक्शन झेलो

वंदे भारत के मवेशियों से टकराने की खबर को लेकर रेलवे प्रशासन ने महाराष्ट्र के गांववालों को चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में रेलवे प्रशासन ने गांववालों से अपने-अपने मवेशियों को काबू में रखने की बात कही है. बता दें कि हालिया हादसों के बाद दोबारा से नोटिस भेजे गए हैं. पटरी पर मवेशियों से टकराकर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को नुकसान पहुंचने की कई खबरें सामने आ चुकी हैं.

Advertisement
Vande Bharat Express Vande Bharat Express

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 1:56 PM IST

वंदे भारत ट्रेनों से मवेशियों के टकराने की घटनाओं को लेकर रेलवे प्रशासन बेहद चिंतित है. इन्हें रोकने के लिए कई तरह की कोशिशें जारी हैं. अब मुंबई से गांधीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत के साथ हुई घटना के बाद रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के मुंबई डिविजन ने इस रूट पर बसे आसपास के बहुत सारे गांवों के सरपंचों को चिट्ठी लिखी है. चिट्ठी में सरपंचों से कहा गया है कि वे अपने मवेशियों को काबू में रखें. वंदे भारत ट्रेन कॉरिडोर के आसपास मवेशियों को भटकने नहीं दिया जाए. यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर मालिकों ने अपने मवेशियों का ख्याल नहीं रखा तो उनके खिलाफ ऐक्शन भी लिया जाएगा.  

Advertisement

दरअसल, पालघर आरपीएफ ने जिले में गुजरने वाली रेलवे ट्रैक के आसपास के गांववालों को यह नोटिस भेजा है. इसके मुताबिक, रेलवे ट्रैक के आसपास बहुत सारे मवेशियों के भटकने और ट्रेनों से कुचले जाने की घटनाएं सामने आई हैं. ऐसे में इन इलाकों के सरपंचों से कहा गया है कि सारे आवारा मवेशियों को एनिमल शेल्टर्स में भेज दिया जाए. वहीं, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वे इन दुर्घटनाओं को लेकर गांववालों के बीच जागरूकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे हादसों से न केवल ट्रेन, बल्कि रेलवे यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ जाती है. 

4 हजार से ज्यादा ट्रेनें प्रभावित 
आरपीएफ के मुंबई डिविजन ने इस साल जनवरी से लेकर अभी तक 1 हजार से ज्यादा नोटिस जारी किए हैं. इसके अलावा, बहुत सारे जागरूकता अभियान भी चलाए गए हैं. बता दें कि हालिया हादसों के बाद दोबारा से नोटिस भेजे गए हैं. पटरी पर मवेशियों से टकराकर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को नुकसान पहुंचने की कई खबरें सामने आ चुकी हैं. हालांकि, यह समस्या सिर्फ इन ट्रेनों तक ही सीमित नहीं है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मवेशियों की वजह से सिर्फ अक्टूबर के पहले 9 दिनों में 200 से ज्यादा ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है. वहीं, इस साल की बात करें तो 4 हजार से ज्यादा ट्रेनें मवेशियों से प्रभावित रही हैं. 

Advertisement

क्यों वंदे भारत की बार-बार टूट जाती है 'नाक'? 
रेलवे अधिकारी के मुताबिक, वंदे भारत एक्सप्रेस के नोज कोन को इस तरह से डिजाइन किया गया है, ताकि ये टक्कर के बाद भी ट्रेन और उसमें बैठे यात्रियों को नुकसान न पहुंचे. इसी वजह से प्रीमियम ट्रेनों में फ्रंट का हिस्सा कोन शेप का रखा जाता है. यह हिस्सा मजबूत फाइबर प्लास्टिक का होता है. इसमें आगे के सिर्फ कोन शेप हिस्से को नुकसान पहुंचता है, गाड़ी का अन्य हिस्सा, चेचिस और इंजन नुकसान होने से बच जाता है. यही वजह है कि मवेशियों के टकराने के बाद इसके आगे के हिस्से को बार-बार नुकसान पहुंच रहा है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement