पुण्य भी इनाम भी: सड़क हादसे में घायलों की मदद करने वालों को सरकार देगी 5,000 रुपये

Indian Govt Award Scheme For Helping Hands: सड़क हादसों में घायलों की मदद करने पर अब इनाम दिया जाएगा. परिवहन मंत्रालय ने इसकी घोषणा की है. सरकार के मुताबिक सड़क हादसों में लोगों की मदद करने वालों को 5000 रुपये के इनाम के साथ सराहना प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा.

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Nitin Gadkari Nitin Gadkari

वरुण सिन्हा

  • नई दिल्ली,
  • 07 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 4:34 PM IST
  • सड़क हादसे में मदद करने वालों को सरकार देगी इनाम
  • मददगारों से घर आकर बयान लेगी पुलिस

सड़क हादसे में घायलों की जान बचाने के लिए केंद्र सरकार बड़ी योजना की शुरुआत करेगी. जिसमें सड़क हादसे में गम्भीर घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले मददगारों को 5 हजार रुपये इनाम दिए जाएंगे. यही नहीं साल में देशभर से 10 सबसे बड़े मददगारों को 1 लाख रुपये पुरस्कार के तौर पर दिए जाएंगे.

सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल मरीजों के लिए मदद का हाथ बढ़ाकर पीड़ित को समय पर अस्पताल पहुंचाने वालों को 5 हजार रुपये और इस सराहनीय काम के लिए सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे. इस राशि का भुगतान डीएम की तरफ से होगा. हालांकि, रकम का पूरा इंतजाम केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने किया है.

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केंद्रीय परिवहन सचिव गिरधर अरमने ने बताया कि केंद्र सरकार ने जो स्कीम लॉन्च की है, उसके अंतर्गत जो भी लोग पीड़ित को अस्पताल तक ले जाते हैं और इसकी सूचना पुलिस या अस्पताल को देते हैं तो उन्हें 5 हजार का टोकन दिया जाएगा. इसके लिए आवश्यक धन राशि भी राज्यों को उपलब्ध करवाई जा रही है. फिलहाल, इस साल 15 अक्टूबर से 31 मार्च 2026 तक ये नई नीति लागू रहेगी.  

ये शर्ते होंगी लागू

- योजना के तहत इसमें गंभीर सड़क हादसे शामिल होंगे. जिसमें बड़ी सर्जरी, कम से कम तीन दिनों का हॉस्पिटलाइजेशन, ब्रेन इंजरी या स्पाइनल इंजरी हो.

- एक सड़क दुर्घटना में एक से ज्यादा पीड़ित की मदद अगर कोई करता है तब भी 5 हजार का ही इनाम दिया जाएगा.

- सड़क हादसे में एक ही घायल व्यक्ति को एक से ज्यादा लोगों ने मदद पहुंचाई तो 5 हजार रुपये की राशि उनमें बराबर बंटेगी.

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- हादसे में एक से ज्यादा व्यक्ति घायल है और मदद करने वाले भी एक से ज्यादा हैं तो सबको 5-5 हजार रुपये दिए जाएंगे.

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक मददगार जो पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाएंगे और पुलिस को सूचना देंगे तो उन्हें पुलिस स्टेशन बुलाने की जरूरत नहीं होगी. पुलिस ऑफिसर उनके घर पर या दोनों के लिए जो उचित जगह हो वहां जाकर सूचना ले सकते हैं. केंद्र को उम्मीद है कि इन नियमों से लोग पीड़ित की मदद करने से हिचकिचाएंगे नहीं.

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