सुप्रीम कोर्ट ने ओएनजीसी को लगाई फटकार, कहा- आप खुद को समझते क्या हैं?, जानें क्या है मामला

चीफ जस्टिस एनवी रमणा की अगुआई वाली तीन जजों की पीठ ने आर्बिटेशन समिति के आदेश को चुनौती देने और फीस ना देने पर, ओएनजीसी के खिलाफ ये कदम उठाया है. नाराज चीफ जस्टिस ने इस मामले में अटॉर्नी जनरल को तलब किया.

Advertisement
सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 01 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 5:55 PM IST
  • चीफ जस्टिस ने ONGC की लगाई फटकार
  • 'आप जजों का अनादर कर रहे हैं'
  • 'आपका घमंड और अहम काफी बढ़ गया है'

सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने ओएनजीसी तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का स्वत: संज्ञान लेने को चेतावनी दी. साथ ही, सामान्य नोटिस जारी कर आर्बिट्रेशन में लापरवाही बरतने पर जवाब मांगा.
 
चीफ जस्टिस एनवी रमणा की अगुआई वाली तीन जजों की पीठ ने आर्बिटेशन समिति के आदेश को चुनौती देने और फीस ना देने पर, ओएनजीसी के खिलाफ ये कदम उठाया है. नाराज चीफ जस्टिस ने इस मामले में अटॉर्नी जनरल को तलब किया.

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में आर्बिट्रेशन के लिए वकील और तीन पूर्व जज नियुक्त किए थे, लेकिन उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को चिट्ठी लिखते हुए खुद को इस प्रक्रिया से यह कहते हुए अलग कर लिया कि ओएनजीसी उनको आर्बिट्रेशन के लिए तय फीस नहीं दे रहा है. कोर्ट ने इसी बात पर ओएनजीसी को डांट पिलाई और चेतावनी भी दी. 

चीफ जस्टिस ने फटकार लगाते हुए ओएनजीसी से कहा- 'आप खुद को समझते क्या हैं? आपने हमारे आदेश और आर्बिट्रेशन कर रहे जजों की चिट्ठी तो पढ़ ली होगी. अब आपकी दलील क्या है? हम स्वत: संज्ञान लेते हुए आपके खिलाफ कोर्ट की अवमानना का मुकदमा चला रहे हैं. आप जजों का अनादर कर रहे हैं. आपके पास ज्यादा धन है तो आपका घमंड और अहम काफी बढ़ गया है.'

Advertisement

अटॉर्नी जनरल के पेश होने और फीस की अदायगी का वचन देने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अवमानना की कार्यवाही टाल दी है. अटॉर्नी जनरल से इस मामले में दखल देने को कहकर, कोर्ट ने सुनवाई अगले हफ्ते तक के लिए टाल दी है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement