नाबालिग से यौन शोषण के आरोपी को SC ने गिरफ्तारी से दी राहत, ये है मामला

नाबालिग के साथ यौन शोषण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी पर चार हफ्ते की रोक लगा दी है.

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सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 01 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 6:59 PM IST
  • शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का मामला
  • SC ने आरोपी को दी चार हफ्ते की अग्रिम जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने एक नाबालिग के साथ यौन शोषण मामले में आरोपी की गिरफ्तारी पर चार हफ्ते के लिए रोक लगा दी है. आरोपी एक सरकारी कर्मचारी है, जो महाराष्ट्र राज्य बिजली उत्पादन कंपनी लिमिटेड में तकनीशियन है. मुख्य न्यायाधीश एसए बोबड़े की अगुवाई वाली पीठ ने शुरू में आरोपी के वकील से पूछा कि क्या वह उस लड़की से शादी करने के लिए सहमत होगा, जो अब 18 साल की है? 

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आरोपी ने अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी. उसका कहना था कि अगर उसे 48 घंटे से अधिक समय के लिए गिरफ्तार किया जाता है तो वो शासकीय प्रावधानों के मुताबिक नौकरी से निलंबित हो जाएगा.

इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'आपको लड़की के साथ छेड़खानी और बलात्कार से पहले ये बात सोचनी चाहिए थी. आपको पता था कि आप सरकारी कर्मचारी हैं, हम आपको शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर रहे हैं, अगर आप करेंगे तो हमें बताएं, अन्यथा आप कहेंगे कि हम आपको उससे शादी करने के लिए मजबूर कर रहे हैं.

सीजेआई एसए बोबड़े ने आरोपी के वकील को इस पर विचार करने को कहा है. हालांकि कुछ मिनट बाद जब मामला सुनवाई के लिए आया, तो आरोपी के वकील आनंद दिलीप लांडगे ने अदालत को सूचित किया कि उस व्यक्ति ने लड़की से शादी करने की पेशकश की थी लेकिन उसने इनकार कर दिया. 

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आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, 'मैं अब उससे शादी करने की स्थिति में नहीं हूं क्योंकि मैं पहले से ही शादीशुदा हूं.' इस मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, लड़की कक्षा 9 में थी, जब आरोपी ने उसका पीछा करना शुरू किया था. फिर जबरन उसके घर में घुस गया और उसके साथ बलात्कार किया.

नाबालिग का आरोप है कि आरोपी ने उस पर तेजाब फेंकने और उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी थी. जब उसके परिवार को इस रिश्ते के बारे में पता चला, तो परिजनों ने आरोपी को लड़की के साथ शादी करने की पेशकश की. आरोपी और परिजनों के बीच शादी का समझौता हुआ. इस समझौते के बाद भी आरोपी कथित तौर पर लड़की का यौन शोषण करता रहा.

एफआईआर के मुताबिक, लड़की जब 18 साल की हो गई, तो आरोपी ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया. आरोपी व्यक्ति को ट्रायल कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी, जिसे महाराष्ट्र हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने रद्द कर दिया था. 

अग्रिम जमानत को रद्द करते हुए हाई कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की थी. इसके बाद आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली. इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अब उसे चार हफ्तों के लिए गिरफ्तारी से राहत दे दी है और उसे "उचित फोरम" पर जमानत याचिका दायर करने का समय दिया गया है.
 

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