मंगोलिया में शनिवार को आसमान रहस्यमय तरीके से ब्लड-रेड हो गया. शुक्रवार और शनिवार की सुबह इस दुर्लभ घटना को देखकर लोग सकते में हैं. यह घटना, जिसे अरोरा के नाम से जाना जाता है. आमतौर पर ध्रुवों के करीब होती है और अक्सर हरे रंग की होती है. हालांकि, मंगोलिया में देखा गया अरोरा आश्चर्यजनक लाल रंग का था, जो पृथ्वी की सतह से 241 किलोमीटर से अधिक ऊँचाई पर था, जहाँ वायुमंडल बहुत पतला है.
लाल रंग की इस विशेष छाया को नॉर्दर्न लाइट्स या अरोरा बोरेलिस का सबसे असामान्य रंग माना जाता है और इसकी उपस्थिति तीव्र सौर गतिविधि की अवधि से निकटता से जुड़ी हुई है.
इस घटना के लिए जिम्मेदार सौर तूफान सूर्य से मल्टीपल कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) की देन था, जो 27 नवंबर, 2023 को हुआ था. लाल अरोरा इन सौर कणों के उच्च ऊंचाई पर ऑक्सीजन अणुओं से टकराने का परिणाम है. इतनी अधिक ऊंचाई पर, ऑक्सीजन का घनत्व कम होता है, और टकराव कम बार होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप अधिक सामान्य हरे रंग की बजाय लाल रोशनी का उत्सर्जन होता है. यह प्रक्रिया नियॉन रोशनी के काम करने के तरीके के समान है, जिसमें उत्तेजित गैस परमाणु अपनी जमीनी स्थिति में लौटने पर प्रकाश के फोटॉन छोड़ते हैं.
मंगोलिया में लाल अरोरा की घटना ने वैज्ञानिकों को सौर तूफानों के प्रभावों का अध्ययन करने का मौका दिया है. हालांकि, यह दृश्य मंत्रमुग्ध करने वाला हो सकता है.
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