अमृतपाल सिंह के करीबी अवतार सिंह खांडा की ब्रिटेन में मौत

'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह को 37 दिनों तक पुलिस के चंगुल से बचाने में अवतार सिंह खांडा की मुख्य भूमिका रही थी. हालांकि, मेडिकल रिकॉर्डस से पता चला है कि वह ब्लड कैंसर से जूझ रहा था. उसे बर्मिंघम के सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. 

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पंजाबी एक्टर और कार्यकर्ता दीप सिद्धू के साथ अमृतपाल का करीबी अवतार सिंह खांडा पंजाबी एक्टर और कार्यकर्ता दीप सिद्धू के साथ अमृतपाल का करीबी अवतार सिंह खांडा

कमलजीत संधू

  • नई दिल्ली,
  • 15 जून 2023,
  • अपडेटेड 5:13 PM IST

ब्रिटेन में खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) के प्रमुख और खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह के हैंडलर अवतार सिंह खांडा की मौत हो गई है. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि उन्हें जहर दिया गया था. 

'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह को 37 दिनों तक पुलिस के चंगुल से बचाने में खांडा की मुख्य भूमिका रही थी. हालांकि, मेडिकल रिकॉर्डस से पता चला है कि वह ब्लड कैंसर से जूझ रहा था. उसे बर्मिंघम के सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. 

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बम एक्सपर्ट खांडा को मार्च महीने में लंदन स्थित भारतीय दूतावास के बाहर लहरा रहे तिरंगे को उतारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. अमृतपाल को 37 दिनों तक पुलिस के चंगुल से बचाने के पीछे खांडा का ही हाथ था. 

कौन है अवतार सिंह खांडा?

अवतार सिंह खांडा का जन्म पंजाब के मोगा जिले में हुआ था. उनका पूरा परिवार खालिस्तान आंदोलन से जुड़ा रहा है. खांडा को खालिस्तानी आतंकी जगतार सिंह तारा और परमजीत सिंह पम्मा का करीबी माना जाता है. पम्मा खालिस्तान टाइगर फोर्स का सक्रिय सदस्य है. भारत ने साल 2015 में ब्रिटेन की सरकार को भारत विरोधी कुछ लोगों के नाम सौंपे थे. इस सूची में अवतार सिंह खांडा का नाम भी था. खांडा पर कट्टरपंथी संगठनों से जोड़कर युवाओं को ट्रेनिंग देने का आरोप है. 

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23 अप्रैल को अमृतपाल हुआ अरेस्ट

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल पंजाब पुलिस को 35 दिन तक चकमा देता रहा था लेकिन उसे 23 अप्रैल को को अरेस्ट कर लिया गया था. उसे मोगा जिले के रोडे गांव के गुरुद्वारे से गिरफ्तार किया गया था. रोडे खालिस्तानी नेता जरनैल सिंह भिंडरावाले का पैतृग गांव है. गिफ्तार करने के बार अमृतपाल को असम की डिब्रूगढ़ जेल शिफ्ट कर दिया गया है.

अमृतपाल (30 साल) 'वारिस पंजाब दे' (Waris Punjab De) का प्रमुख है. पंजाब में पिछले कुछ दिन से उसे जरनैल सिंह भिंडरावाले-2.0 तक कहा जा रहा है. भिंडरावाले ने 1980 के दशक में सिखों के लिए अलग देश खालिस्तान की मांग उठाई थी और पूरे पंजाब में कोहराम मचा दिया था. ठीक उसी तरह अमृतपाल सिंह सिर पर तुलनात्मक रूप से भारी पगड़ी बांधता है और भीड़ को उकसाने वाले बयान देकर भीड़ को भड़काता रहा है.

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