'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' कैंपेन स्थगित, केजरीवाल सरकार ने LG पर फाइल को मंजूरी ना देने का आरोप लगाया

दिल्ली सरकार का राष्ट्रीय राजधानी में 28 नवंबर से 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान शुरू होने वाला था. ये एक महीने तक चलाए जाना प्रस्तावित था. दिल्ली सरकार का कहना था कि एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है. ऐसे में GRAP के हिसाब से दिल्ली में जो पाबंदियां लगनी चाहिये, वो लगाई जाएंगी.

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दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय. दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय.

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 27 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 6:11 PM IST

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक बार फिर उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर बड़ा आरोप लगाया है. केजरीवाल सरकार में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' कैंपेन को स्थगित करने के पीछे उपराज्यपाल को जिम्मेदार ठहराया है. राय ने ट्वीट किया और कहा- गाड़ियों के प्रदूषण को कम करने के लिए 28 तारीख से शुरू होने वाले 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' कैम्पेन को LG साहब द्वारा फाइल रोकने की वजह से स्थगित करना पड़ रहा है जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है.

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बता दें कि दिल्ली सरकार का राष्ट्रीय राजधानी में 28 नवंबर से 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान शुरू होने वाला था. ये एक महीने तक चलाए जाना प्रस्तावित था. दिल्ली सरकार का कहना था कि एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है. ऐसे में GRAP के हिसाब से दिल्ली में जो पाबंदियां लगनी चाहिये, वो लगाई जाएंगी. 28 नवंबर से ‘रेड लाइट, ऑन गाड़ी ऑफ’ का अभियान प्रस्तावित है. पहले एक महीने ये कार्यक्रम चलेगा. 2500 सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को लगाया जायेगा. इसके लिये 100 बडे चौराहों को चिन्हित किया जायेगा. दो शिफ्ट में ये काम करेंगे.

उपराज्यपाल ने अभियान की फाइल को मंजूरी नहीं दी 

अभियान की शुरुआत से एक दिन पहले मंत्री गोपाल राय ने आरोप लगाया कि 21 अक्टूबर को इस संबंध में एक फाइल LG को भेजी गई थी, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली. गोपाल राय का कहना है कि दिल्ली में सर्दियों के प्रदूषण को कम करने के लिए 15 पॉइंट एक्शन प्लान शुरू किया है. एंटी डस्ट कैंपेन किया जा रहा है. बायो डिकॉम्पोजर का छिड़काव चल रहा है. प्रदूषण के लिए डस्ट, पराली और गाड़ियों का प्रदूषण सबसे अहम है. 2020 में रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ मुहिम शुरू हुई थी. करीब 10 से 12 चौराहों से गुजरकर हम घर पहुंचते हैं. रेड लाइट पर हम गाड़ी बंद नहीं करते. हर व्यक्ति 25-30 मिनट फ्यूल बर्निंग करता है. अगर इंजन बंद रखें तो प्रदूषण कम हो सकता है.

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फाइल ना आने से स्थगित करना पड़ रहा कैंपेन

उन्होंने कहा कि Grap के तहत भी नियम है. 28 तारीख से ये मुहिम फिर से शुरू कर रहे हैं. तैयारी के लिए 100 चौराहों पर मुहिम चलती है. गांधीगिरी के माध्यम से मुहिम चलती है. 21 तारीख को ये फाइल LG को भेजी थी लेकिन उन्होंने अभी तक मंजूरी नहीं दी है. उन्हें बहुत सारे कामों की फुर्सत है. रोजाना चिट्ठी लिखते हैं. इसी शहर में रहते हैं. कल से कार्यक्रम शुरू होना है लेकिन फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. अभी तक फाइल ना आने की वजह से ये मुहिम स्थगित करनी पड़ रही है.

सीएम केजरीवाल का ट्वीट- सेहत से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए

वहीं, इस संबंध में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा- 'गंदी राजनीति के चलते प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार जो कदम पिछले कई सालों से उठा रही है उन्हें रोकने की कोशिश की जा रही है. हमें लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए.

‘दिल्ली की योगशाला’ बंद कराने का भी आरोप

AAP सरकार के ‘दिल्ली की योगशाला’ कार्यक्रम को एक नवंबर से बंद कर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूरे मामले को साजिश करार दिया है और BJP पर हमला किया है. सीएम केजरीवाल ने कहा कि चाहे कुछ भी करना पड़े, लेकिन मैं दिल्ली में योगा क्लास बंद नहीं होने दूंगा. मैं दिल्ली की जनता के साथ खड़ा हूं. ये लोग दिल्ली को तबाह करना चाहते हैं. आज पूरी दिल्ली में करीब 17 हजार लोग योगा क्लास ले रहे हैं और इससे उनको स्वास्थ्य लाभ हो रहा है. इन लोगों ने अफसरों पर दबाव डालकर एक नवंबर से दिल्ली की योगशाला कार्यक्रम को बंद करवा दिया है. 

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वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया और कहा- दिल्ली में योगा क्लास बंद किए जाने को लेकर मैं एलजी साहब से मिलूंगा. योगा क्लास की फाइल उनके पास है. अगर इस पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो मंगलवार से दिल्ली में योगा क्लास बंद हो जाएगी और इससे हजारों लोगों को नुकसान होगा.

पिछले साल शुरू हुआ था ‘दिल्ली की योगशाला’ कार्यक्रम

दिल्ली सरकार ने पिछले साल लोगों को स्वस्थ्य रहने के लिए ‘दिल्ली की योगशाला’ कार्यक्रम की शुरूआत की थी. इस कार्यक्रम के तहत दिल्लीवासियों को फ्री में योग कराया जाता है. प्रशिक्षित टीचर लोगों को योग करना सिखाते हैं. दिल्ली सरकार योग और मेडिटेशन को एक जन आंदोलन बनाकर दिल्ली में घर-घर तक पहुंचाना चाहती है. ये पूरे देश में अपने किस्म का पहला कार्यक्रम है, जिसके तहत दिल्ली सरकार लोगों को फ्री में योग कराती है. 

पोस्ट कोविड बीमारियों से जूझ रहे लोगों को मिला लाभ

‘दिल्ली की योगशाला’ के तहत दिल्ली भर मे 600 जगहों पर 17,000 से ज्यादा लोगों को फ्री में योगा क्लासेज से फायदा हो रहा है. साथ ही, इससे पोस्ट-कोविड बीमारियों से जूझ रहे करीब 11 हजार लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से उबरने में मदद मिली है. कोरोना काल में दिल्ली की योगशाला के तहत ऑनलाइन योग क्लासेज का आयोजन किया गया था. उस दौरान होम आइसोलेशन में रह रहे 4500 संक्रमितों को इससे फायदा हुआ, इनमें से 2,000 लोग तो ऐसे थे, जिन्हें बेहद गंभीर समस्याएं थी, लेकिन दिल्ली की योगशाला में क्लासेज लेने से इन लोगों को काफी फायदा हुआ.

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दिल्ली में 600 से ज्यादा जगहों पर लगती हैं योगा क्लासेज

दिल्ली भर में 600 से ज्यादा स्थानों पर 17 हजार से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा रहे हैं. यह योगा क्लासेज दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में करीब 600 स्थानों पर रोजाना होती है. यह कक्षाएं खुली जगहों पर होती हैं, जहां कोई भी आकर योग सीख सकता है. वहां पर अच्छे से प्रशिक्षित योग ट्रेनर लोगों को योग व ध्यान का अभ्यास कराता है. कोरोना के दौरान साढ़े चार हजार लोगों ने योग क्लास कर लाभ प्राप्त किया.

 

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