सामने आया स्टैंडिंग कमेटी में सांसदों की अटेंडेंस का रिपोर्ट कार्ड

इस प्रक्रिया को उस समय किया गया है जब 24 संसदीय पैनल का फिर पुनर्गठन होना है. अब हमेशा की तरह हर पार्टी की तरफ से कुछ सदस्यों को इन कमेटी का हिस्सा बनाया जाएगा. लेकिन इस बार वेंकैया नायडू चाहते हैं कि सांसदों को चुनने से पहले पार्टियां उनकी उपस्थिति पर भी ध्यान दे.

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सांसदों की अटेंडेंस का रिपोर्ट कार्ड आया सामने सांसदों की अटेंडेंस का रिपोर्ट कार्ड आया सामने

राहुल श्रीवास्तव

  • नई दिल्ली,
  • 24 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 12:07 AM IST
  • सामने आया स्टैंडिंग कमेटी में सांसदों की अटेंडेंस का रिपोर्ट कार्ड
  • राज्यसभा चैयरमैन वेंकैया नायडू ने जारी किया रिपोर्ट कार्ड

देश के सदन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है. कई मुद्दे ऐसे भी रहते हैं जिन पर कई कमेटियों द्वारा विस्तार से बातचीत की जाती है. लेकिन उन कमेटियों में सदस्यों की कितनी सक्रियता रहती है, इसको लेकर हमेशा विवाद रहा है. अब उसी विवाद को दूर करने के लिए और तामाम पार्टियों को असल तस्वीर दिखाने के लिए राज्यसभा चैयरमैन वेंकैया नायडू ने 243 सांसदों की अटेंडेंस रिपोर्ट तमाम पार्टियों को भेज दी है.

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वेकैंया नायडू की नई पहल

इस प्रक्रिया को उस समय किया गया है जब 24 संसदीय पैनल का फिर पुनर्गठन होना है. अब हमेशा की तरह हर पार्टी की तरफ से कुछ सदस्यों को इन कमेटी का हिस्सा बनाया जाएगा. लेकिन इस बार वेंकैया नायडू चाहते हैं कि सांसदों को चुनने से पहले पार्टियां उनकी उपस्थिति पर भी ध्यान दे. इस बात पर जोर दिया जाए कि कौन से सांसद ने कितनी मीटिंग में हिस्सा लिया है. कहा जा रहा है कि ये पहली बार है जब तमाम राजनीतिक पार्टियों को उनके सांसदों की अटेंडेंस रिपोर्ट इस अंदाज में उपलब्ध करवाई जा रही है.

तमाम सांसदों की अटेंडेंस रिपोर्ट

आंकड़े बताते हैं कि कुल हुईं 361 मीटिंग में राज्यसभा सांसदों की उपस्थिति 46 प्रतिशत रही है. अब वैसे तो इसे भी पहले की तुलना में बेहतर माना जा रहा है, लेकिन नायडू ने सभी के लिए 50 प्रतिशत का टारगेट सेट कर रखा है. इन आंकड़ों के मुताबिक तो औसतन 31 सदस्यों में से 14 ने मीटिंग में हिस्सा लिया है. राज्यसभा पैनल में 16 सांसद ऐसे भी रहे हैं जिनकी अटेंडेंस 100% रही है. इस लिस्ट में बीजेपी के 10, कांग्रेस के 3 और सपा, डीएमके और टीआएस से एक सदस्य शामिल हैं.

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इसके अलावा 115 सदस्य ऐसे भी रहे जिनकी अटेंडेंस 50 प्रतिशत से ज्यादा रही.  बात अगर हर पार्टी की हो तो वहां पर बीजेपी सदस्यों की उपस्थिति सबसे बेहतर दिखाई पड़ती है. संसदीय पैनल की मीटिंग में बीजेपी के 92 सांसदों की अटेंडेंस  56.56% रही है. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के 38 सांसदों की उपस्थिति 41.8%  रही है. यहां पर ये जानना जरूरी है कि DRSC की हर कमेटी में बीजेपी के 4 से 5 सदस्य हैं, वहीं कांग्रेस के एक से दो के बीच रहे हैं.

दूसरी पार्टियों की बात करें तो YSRCP सदस्यों की अटेंडेंस 66.66%, JDU की 6.17%, BJD की 61.65%, TRS की 43.56%, DMK की 41.34%, SP की 37.98%, CPM की 33.96% और TMC की 24.44% रही है. जो दूसरे छोटे दल रहे हैं उन्होंने भी इस मामले में अच्छा प्रदर्शन किया है. आम आदमी पार्टी के कुल तीन सदस्य हैं लेकिन उनकी अटेंडेंस 77.19% रही है.

कौन से मुद्दे पर कितनी दिलचस्पी?

जानकारी के लिए बता दें कि विदेशी मुद्दों से लेकर सुरक्षा के मुद्दों तक, कई कमेटियों का गठन किया जाता है. ऐसे में हर कमेटी में हर पार्टी का अटेंडेंस रिकॉर्ड अलग दिखाई पड़ता है. अगर बीजेपी की बात की जाए तो उनके सदस्यों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी रक्षा की समिति बैठकों में दिखाई है. इसके बाद रसायन और उर्वरक के मुद्दे पर भी उनकी उपस्थिति 83.33% रही है. वहीं बात जब कांग्रेस पार्टी की आती है तो उनका रुझान विज्ञान प्रौद्योगिकी में सबसे ज्यादा देखने को मिला है. दूसरे नंबर पर कांग्रेस के लिए कृषि से जुड़े मुद्दे रहे हैं और यहां पर उनके सांसदों की अटेंडेंस 93.33% रही है. लेकिन बात जब हाई प्रोफाइल कमेटी की आती है, वहां पर कांग्रेस का प्रदर्शन उत्साह बढ़ाने वाला नहीं है. रक्षा से लेकर विदेशी मुद्दों पर हुई बैठकों में उनके सांसदों की उपस्थिति काफी कम रही है.

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