राज्यसभा के ल‍िए यूपी से सभी नामांकन वैध, अब 27 फरवरी को वोटिंग पर टिकीं निगाहें

प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में सभी 11 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र वैध पाए गए हैं. इनमें भाजपा के आठ व सपा के तीन प्रत्याशी शामिल हैं. 20 फरवरी को नाम वापसी के दिन यदि किसी उम्मीदवार ने नाम वापस न लिया तो प्रत्याशियों की किस्मत का निर्णय 27 फरवरी को मतदान से होगा.

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गुजरात में चार सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव घोषित गुजरात में चार सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव घोषित

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 1:58 PM IST

प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में सभी 11 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र वैध पाए गए हैं. इनमें भाजपा के आठ व सपा के तीन प्रत्याशी शामिल हैं. 20 फरवरी को नाम वापसी के दिन यदि किसी उम्मीदवार ने नाम वापस न लिया तो प्रत्याशियों की किस्मत का निर्णय 27 फरवरी को मतदान से होगा.

बता दें कि, लोकसभा चुनाव से पहले उच्च सदन राज्यसभा की 56 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं. 15 राज्यों की 56 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले एनडीए और विपक्षी इंडिया गठबंधन के बीच एक-एक सीट के लिए रस्साकशी देखने को मिल रही है. लोकसभा सीटों के लिहाज से सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में पिछले 20 दिनों के भीतर हुए सियासी उलटफेर ने राज्यसभा चुनाव को दिलचस्प बना दिया है. गठबंधनों का गणित बदलने से उत्तर प्रदेश और बिहार की एक-एक सीट पर पेच फंस गया है.

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यूपी से बीजेपी के 7 उम्मीदवार
उत्तर प्रदेश की बात करें तो सूबे की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं. बता दें कि, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार को आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपने 14 उम्मीदवारों के नाम घोषित किये जिनमें यूपी से 7 उम्मीदवारों के नाम यूपी से हैं. जो सात नाम पार्टी ने घोषित किए गए हैं उसे समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की काट के रूप में भी देखा जा रहा है. भाजपा ने सारे समीकरण साधते हुए यूपी से राज्यसभा के उम्मीदवारों का चयन करने में पिछड़ी जातियों को विशेष तरजीह दी है.

बीजेपी की लिस्ट में ये हैं शामिल
बीजेपी ने जिन्हें टिकट दिया है, उनमें 
चौधरी तेजवीर सिंह हैं, जो कि मथुरा से आते हैं जाट बिरादरी से हैं और 3 बार के भाजपा के सांसद रह चुके हैं. वहीं, अमरपाल मौर्य बिरादरी से आते हैं और संगठन में प्रदेश महामंत्री पद पर तैनात हैं. केशव मौर्य के बेहद गरीबी माने जाते हैं इसके पहले वह स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं. 

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इसके साथ ही संगीता बलवंत,बिंद मल्लाह बिरादरी से आती हैं गाजीपुर शहर से विधायक रह चुकी हैं. उन्हें भी टिकट मिली है. सुधांशु त्रिवेदी ब्राह्मण हैं और बीजेपी के ऐसे प्रवक्ता हैं जिनकी अक्सर खूब चर्चा होती है. वहीं, उत्तर प्रदेश से चंदौली जिले की पूर्व विधायक साधना सिंह ठाकुर हैं और मुगलसराय की पूर्व विधायक है. उन्हें भी टिकट मिली है. नवीन जैन बीजेपी के पूर्व कोषाध्यक्ष हैं आगरा से मेयर रह चुके हैं और एक बडी कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक कह जाते हैं. ये भी राज्यसभा भेजे जा रहे हैं.

 

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