Balasore Train Accident: ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार शाम को हुए भीषण ट्रेन हादसे में अबतक 275 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक हजार से ज्यादा यात्री घायल हैं. राहत और बचाव कार्य का काम लगभग पूरा हो चुका है. रविवार की शाम तक रेलवे ट्रैक से मलबा हटा दिया गया था. अप और डाउन दोनों लाइनों पर रिस्टोरेशन का काम पूरा कर लिया गया. हादसे के करीब 51 घंटे बाद रात करीब 10:40 बजे उस ट्रैक से पहली ट्रेन गुजरी. मौके पर मौजूद रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन के हाथ जोड़कर प्रार्थना भी की.
बालासोर हादसे में जान गंवाने वाले 151 यात्रियों के शवों की पहचान की जा चुकी है. पहचान के बाद शवों को परिवारों को सुपुर्द किया जा रहा है. ओडिशा सरकार द्वारा शवों को ले जाने के लिए निशुल्क व्यवस्था की गई है.
बालासोर एक्सीडेंट के बाद तमिलनाडु के कैबिनेट मंत्री उदयनिधि स्टालिन ओडिशा पहुंच गए हैं. उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा कि राज्य के सभी अस्पतालों में वह चेक कर चुके हैं. तमिलनाडु को कोई भी शख्स नहीं मिला है. इस ट्रेन में हमारे राज्य के आठ लोग सवार थे, इनमें से दो को ट्रेस कर लिया गया है. बाकी छह लोगों को हम तलाश रहे हैं. हालांकि उनके सहयात्रियों ने कहा है कि वह सुरक्षित हैं.
बालासोर एक्सीडेंट को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने इस चिट्ठी में कहा है कि रेलवे को अधिक प्रभावी, उन्नत और कुशल बनाए जाने की बजाए इसके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है.
बालासोर हादसा के बाद बहनाला रेलवे स्टेशन से पहली बार फुल स्पीड में ट्रेन निकली है. सुबह साढ़े 9 बजे हावड़ा-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस पहली ट्रेन है, जो ट्रैक के रिस्टोरेशन के बाद पहली बार फुल स्पीड में निकली है. इस दौरान रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद रहे और उन्होंने लोको पायलट को हाथ हिलाकर अभिवादन भी किया.
बहनागा रेलवे स्टेशन पर एक मैनेजर और तीन स्टेशन मास्टर के अलावा 10 और कर्मचारी तैनात हैं.
1. एसके पटनायक, स्टेशन मैनेजर
2- पीके पांडा, स्टेशन मास्टर
3- जेके नायक, स्टेशन मास्टर
बहनागा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर ट्रायल रन खत्म हो गया है और अप-डाउन दोनों लाइनों पर यात्री ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो गई है. हालांकि प्रभावित क्षेत्र से ट्रेनें कम गति से गुजर रही हैं. समय से पहले और रेल मंत्री द्वारा निर्धारित समय सीमा से पहले ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो गई. रेल मंत्री ने पहले बुधवार की डेडलाइन दी थी.
ये ट्रेनें गुजरीं-
UP- तिरुवनंतपुरम-सालीमार
Down- दिल्ली-पुरी एक्सप्रेस
Down- मैसूर हावड़ा पुडुचेरी एक्सप्रेस
हावड़ा- पुरी वंदे भारत ट्रेन
इस हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया, ओडिशा सीएम नवीन पटनायक, बंगाल सीएम ममता बनर्जी समेत कई नेताओं ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली.
रेलवे ने बताया कि इस घटना के बाद 123 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया, 56 को डायवर्ट किया गया है, 10 को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है और 14 ट्रेनों को 3-7 जून की अवधि के लिए रीशेड्यूल किया गया है. दोनों ट्रेनों में यात्रियों में से कई प्रवासी श्रमिक थे. रेलवे प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने बताया कि अगर पीड़ित बिना टिकट यात्री हैं तो भी उन्हें मुआवजा मिलेगा. यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी बालासोर हादसे के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट किया कि 270+ मौतों के बाद भी कोई जवाबदेही नहीं. मोदी सरकार इतनी दर्दनाक दुर्घटना की ज़िम्मेदारी लेने से भाग नहीं सकती. प्रधानमंत्री को फ़ौरन रेल मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए.
बालासोर हादसे में जान गंवाने वालों के आंकड़े पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि केंद्र की सूची में मौतों का आंकड़ा कम हो रहा है. ये कैसे हो सकता है. वे संख्या कम कर रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कोरोमंडल जैसी ट्रेन में एंटी कोलिशन डिवाइस क्यों नहीं लगा था? एसीबी क्यों बनाया गया, ताकि ऐसी घटनाएं रुक सकें? अगर ट्रेनों में डिवाइस नहीं लगाई जाएगी तो क्या ट्रेनें अपने आप रुक जाएंगी.
रेलवे की ओर से हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों और घायलों को मुआवजे का ऐलान किया गया है. मृतकों के परिजनों को 10 लाख, गंभीर रूप से घायल लोगों को दो लाख और मामूली चोट के लिए 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया गया है. इसके लिए रेलवे ने भुगतान करना भी शुरू कर दिया है.
ओडिशा ट्रेन हादसे की जांच को रेलवे ने सीबीआई से कराने की सिफारिश की है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि निष्पक्ष जांच के लिए सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड इस हादसे की जांच को सीबीआई से करने जा रहा है.
बालासोर में हुए हादसे के बाद रेलवे ट्रैक का रिस्टोरेशन वर्क पूरा हो चुका है. अब अप-डाउन ट्रैक पर ट्रेन सेवा बहाल कर दी गई है. रेल मंत्री ने इसके लिए बुधवार की डेडलाइन की थी यानी डेडलाइन से पहले ही राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है.
इस घटना के करीब 62 घंटे बाद पहली बार पैसेंजर ट्रेन उस ट्रैक से गुजरी, जोकि बालासोर हादसे से प्रभावित थी. बता दें कि रविवार देर रात दोनों ट्रैक पर रिस्टोरेशन का काम पूरा हो चुका था.
हादसे के बाद बालासोर के मुर्दाघरों में जगह न होने के कारण एक स्कूल को ही मुर्दाघर बना दिया गया. यहां क्लास में शवों को रखा गया था. वहीं ओडिशा सरकार ने 187 शवों को जिला मुख्यालय शहर बालासोर से भुवनेश्वर शिफ्ट किया था. हालांकि, यहां भी जगह की कमी मुर्दाघर प्रशासन के लिए स्थिति को कठिन बना रही है. इनमें से 110 शवों को एम्स भुवनेश्वर में रखा गया है. बचे हुए शवों को कैपिटल अस्पताल, अमरी अस्पताल, सम अस्पताल आदि में रखा गया है.
रविवार देर रात जब रेल मंत्री हादसे को लेकर बातचीत कर रहे थे तो वह भावुक हो गए. उन्होंने रुंधे हुए गले से कहा कि बालासोर रेल एक्सीडेंट साइट पर रेल ट्रैक के रिस्टोरेशन का काम पूरा कर लिया गया है. अब दोनों तरफ (UP-DOWN) से रेल यातायात के लिए रास्ता साफ हो गया है. एक तऱफ से दिन में काम पूरा कर लिया गया था, अब दूसरी साइट का भी काम पूरा हो गया है. इसी के बाद उन्होंने रेल हादसे में लापता लोगों का जिक्र किया. रेल मंत्री ने कहा, ट्रैक पर रास्ता साफ हो गया है, लेकिन अभी हमारी जिम्मेदारी पूरी नहीं हुई है.
बालासोर में शुक्रवार को बहनागा स्टेशन के पास पहले से लेन में खड़ी मालगाड़ी से कोरोमंडल एक्सप्रेस टकरा गई थी, जिसमें 275 लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे में कोरोमंडल एक्सप्रेस की दो बोगियां सामने की पटरियों पर जा गिरी थी, जिससे यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस टकरा गई थी.
ओडिशा के बालासोर में हुए हादसे के करीब 51 घंटे बाद ट्रैक रिस्टोरेशन का काम पूरा हुआ. रविवार की देर रात करीब 10 बजकर 40 मिनट पर बहनागा रेलवे स्टेशन के उसी ट्रैक से पहली ट्रेन गुजरी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पहली ट्रेन के सामने हाथ जोड़कर प्रार्थना की.