गठबंधन की पॉलिटिक्स या सेंटर लीडरशिप, बीजेपी नॉर्थईस्ट में कैसे जीती?: दिनभर, 2 मार्च

नॉर्थ ईस्ट के तीन राज्यों के परिणाम में क्या संकेत छिपे हैं? क्या त्रिपुरा के आंकड़ें चौंकाने वाले हैं? जी 20 सम्मेलन में आज विदेश मंत्रियों की हुई बैठक में क्या हुआ? सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की बेंच ने ऐतिहासिक फ़ैसले में भारतीय चुनाव में आएगा बड़ा बदलाव? बॉर्डर-गावस्कर ट्राफ़ी के दूसरे दिन इंदौर की पिच पर क्या हुआ? सुनिए 'दिन भर' में

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जमशेद क़मर सिद्दीक़ी

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  • 02 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 11:30 PM IST

नॉर्थ-ईस्ट के चुनाव परिणाम

2023 का ये साल कुल नौ राज्यों में चुनाव का साल है जिसकी शुरुआत नार्थ ईस्ट के तीन राज्यों से हुई थी. नागालैंड, त्रिपुरा और मेघालय. आज इन राज्यों बीजेपी के लिए दो राज्यों में अच्छी ख़बर है-उसके गठबंधन को नागालैंड और त्रिपुरा में बहुमत मिला है. रिकॉर्ड करने से पहले तक, बीजेपी गठबंधन ने यहाँ 33 और नागालैंड में 37 सीटें जीती हैं, जो बहुमत के पार के नम्बर्स हैं. पेंच मेघालय को लेकर है जहाँ कोई पार्टी बहुमत में नहीं आ सकी. यहाँ एनपीपी ज़रूर 25 सीटों के साथ बड़ी पार्टी बनी है लेकिन सरकार बनाने के लिए 31 तक पहुंचना ही होगा.कांग्रेस की यहाँ 5 सीटें आईं. त्रिपुरा में कांग्रेस जितनी आशावान थी वो हुआ नहीं. लेफ्ट ने यहाँ 14 सीटें जीतीं. दिन भर में सुनने के लिए क्लिक कीजिए

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चुनाव आयुक्त पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला

लोकतंत्र की पहली और आख़िरी शर्त, निष्पक्ष चुनाव है. और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र यानी भारत में चुनाव कराने की ज़िम्मेदारी जिसके पास है, उसको लेकर अब तक कोई ठोस क़ानून नहीं थे. अभी तक सचीव स्तर के रिटायर्ड या वर्किंग ऑफ़िसर्स की लिस्ट में से चुनाव आयुक्त की हैंडपिकिंग केंद्र सरकार करती थी. इस प्रक्रिया में ये आशंका तो बनती है कि चुना जाने वाला व्यक्ति का झुकाव केंद्र सरकार के प्रति हो. इस आशंका को ख़त्म करने के लिए किसी सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया, आख़िर में सुप्रिम कोर्ट को ही एक पेटिशन की सुनावाई में मैटर अपने हाथ में लेना पड़ा. 5 सदस्यि बैंच ने सुनवाई में कहा कि चुनाव आयुक्त की चयन की प्रक्रिया सीबीआई डायरेक्टर के तर्ज पर होनी चाहिए. यानी प्राधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और सीजीआई का पैनल चुनाव आयुक्त चुनेगा. जस्टिस के एम जोसेफ ने कहा कि लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखी जानी चाहिए. नहीं तो इसके अच्छे परिणाम नहीं होंगे…दिन भर में सुनने के लिए क्लिक कीजिए

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जी20 में विदेश मंत्रियों की बैठक

One earth, one family, one future के थीम पर जी 20 का सम्मेलन चल रहा है. और इस फ़ैमली में भारी कलह मचा हुआ है, कारण है रूस-युक्रेन युद्ध. भारत इस परिस्थिति से बचने की कोशिश में था. आज दिल्ली में विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने रिकॉर्डेड भाषण में ये चिंता ज़ाहिर की और याद दिलाया कि आज आप सब गांधी और बुद्ध की धरती पर मिल रहें. मैं आपसे प्रार्थना करता हूं कि भारत की सभ्यता से सीख लें, बांटने पर नहीं, एकता पर फोकस करें. हालांकि रूस-यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर ऐसी कोई एकता दिखी नहीं और साझा बयान जारी नहीं हो पाया. बेंगलुरु में जी-20 की बैठक में संयुक्त बयान को आखिरी रूप देने के समय रूस और चीन ने युद्ध से संबंधित दो पैराग्राफों पर आपत्ति जताई थी, जिसमें कड़े शब्दों में रूस की यूक्रेन हमले की निंदा की गई थी. दिल्ली में भी मतभेद बरकरार रहा, एस. जयशंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अधिकांश मुद्दे जैसे बहुपक्षवाद को मजबूत करना, क्लाइमेट चेंज, खाद्य और ऊर्जा आदि के मुद्दे पर सदस्य देश एकमत थे, हालांकि यूक्रेन के मुद्दे पर अलग मत होने की वजह से कोई साझा बयान जारी नहीं किया जा सका. उससे पहले अमेरिकी और रिशियन प्रतिनिधी एंटोनी बिलेंकेन और सर्गेई लावरोव ने अपने भाषण में एक दूसरे पर आरोप लगाया कि उन्होंने G20 को युद्ध पर केंद्रित कर दिया… एक साझा बयान न आने का मतलब क्या है, और क्या ये भारतीय कूटनीति की एक असफ़लता है, दिन भर में सुनने के लिए क्लिक कीजिए

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बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी का तीसरा मैच

 इंदौर टेस्ट दूसरे दिन ही निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है. खेल समाप्त होने पर मैच भारत की गिरफ़्त से लगभग बाहर हो चुका है. आज  खेल की शुरूआत के वक़्त भी ऑस्ट्रेलियाई टीम मजबूत स्थिति में दिख रही थी. लेकिन थोड़ी हो देर में रविचंद्रन अश्विन और उमेश यादव ने कंगारुओं को एक के बाद एक झटके दिए और मैच में भारत की वापसी कराई. पहली पारी के आधार पर 88 रन से पिछड़ने के बाद टीम इंडिया के बल्लेबाज़ों ने लगातार दूसरी बार भी निराश किया. चेतेश्वर पुजारा को छोड़कर किसी भी बैटर के पास नाथन लायन और दूसरे ऑस्ट्रेलियन स्पिनर्स का कोई जवाब नहीं था. पुजारा ने जुझारू बैटिंग करते हुए सबसे ज़्यादा 59 रन बनाए, वहीं लायन ने 64 रन देकर 8 खिलाड़ियों को पवेलियन की राह दिखाई. और इसी के चलते सेकंड इनिंग में इंडिया की पूरी पारी 163 के स्कोर पर सिमट गई. कल जब ऑस्ट्रेलिया अपनी दूसरी पारी की शुरुआत करेगा तो उसे ये मैच जीतने के लिए 76 रन बनाने होंगे. लेकिन इंदौर की रैंक टर्नर पर ये टारगेट चेज कर पाना इतना आसान रहने वाला है, क्या अश्विन एंड कंपनी कोई चमत्कार कर पाएगी और दूसरे दिन भी इंडियन बैटर्स के फ्लॉप होने के बाद पिच पर किचकिच करना कितना जायज है, दिन भर में सुनने के लिए क्लिक कीजिए

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