पश्चिम बंगाल सरकार ने कोरोना लॉकडाउन एक जुलाई तक बढ़ा दिया है. सरकार ने इसके लिए नई गाइडलाइंस भी जारी कर दिया है. त्रिपुरा की सरकार ने शिक्षा सत्र 2021-22 के लिए 10वीं और 12वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में 30 फीसदी तक की कमी करने का फैसला किया है. कोरोना के खिलाफ नोवावैक्स टीका भी 90 फीसदी तक असरदार पाया गया है.
1- बंगाल: एक जुलाई तक बढ़ा कोरोना लॉकडाउन, ममता सरकार ने जारी की गाइडलाइंस
कोरोना संकट के मद्देनजर पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने पहले से लागू पाबंदियों को एक जुलाई तक बढ़ाने का फैसला किया है. सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक सूबे में बैंक सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक खुले रहेंगे. ममता सरकार की तरफ से कुछ छूट भी दी गई है. राज्य में 16 जून से सरकारी दफ्तर 25 फीसदी स्टाफ के साथ खुलेंगे. वहीं प्राइवेट और कॉरपोरेट ऑफिस भी सुबह 10 बजे से शाम के 4 बजे तक खुले रहेंगे. हालांकि इस दौरान दफ्तर में सिर्फ 25 फीसदी स्टाफ की मौजूदगी की अनुमति रहेगी. इस दौरान ई-पास भी अनिवार्य रहेगा.
2- इस राज्य में बोर्ड एग्जाम से पहले 10वीं-12वीं के छात्रों का सिलेबस 30% घटा
त्रिपुरा सरकार ने सत्र 2021-22 के लिए कक्षा 10 और 12 के पाठ्यक्रम को 30% तक कम करने का फैसला किया है. त्रिपुरा के शिक्षा मंत्री रतनलाल नाथ ने कहा कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण शैक्षणिक नुकसान का सामना करने के लिए सिलेबस घटाया गया है. शिक्षा मंत्री नाथ ने कहा कि कोविड-19 स्थिति के कारण छात्रों को अपनी पढ़ाई और परीक्षाओं में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है इसलिए सरकार ने पाठ्यक्रम को कम करने का निर्णय लिया है.
3- कोरोना के खिलाफ एक और 'हथियार', 90% असरदार साबित हुआ नोवावैक्स का टीका
दुनियाभर में सालभर से अधिक समय से कोरोना वायरस महामारी तबाही मचा रही है. लाखों लोगों की जान ले चुकी महामारी को रोकने के लिए देश ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. इस बीच, वैक्सीन बनाने वाली कंपनी नोवावैक्स ने सोमवार को दावा किया है कि कोरोना के वैरिएंट्स के खिलाफ उसका टीका 90 फीसदी से अधिक प्रभावी है. कंपनी ने अमेरिका में बड़े स्तर पर स्टडी करने के बाद टीके के असरदार होने पर कॉमेंट किया है. बता दें कि अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स ने पिछले साल अगस्त में पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ एक डील पर साइन किया था, जिसके तहत 200 करोड़ वैक्सीन की डोज तैयार की जानी थी.
4- एक ही दिन में डबल झटका, RBI के दायरे से 'आउट' मई में खुदरा महंगाई दर
महंगाई के मोर्च पर आम आदमी को तगड़ा झटका लगा है. मई में थोक महंगाई के बाद खुदरा महंगाई में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. खुदरा महंगाई दर मई में बढ़कर 6.3 फीसदी हो गई है. मई में बेतहाशा खुदरा महंगाई दर बढ़ने के पीछे पेट्रोल-डीजल और खाने-पीने की चीजें महंगी होने का असर है. मई में रिटेल महंगाई 6 महीने के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित रिटेल महंगाई दर मई में रिटेल महंगाई 6.3% रही. गौरतलब है कि मई में महंगाई दर का आंकड़ा रिजर्व बैंक के दायरे से भी बाहर निकल गया है. आरबीआई ने दायरा 2-6 फीसद तय किया था.
5- अब मुंबई में पेड़ों का होगा इलाज, BMC ने नियुक्त किया 'डॉक्टर', देश में पहली बार हुआ ऐसा
मुंबई में समय से पहले ही मॉनसून ने दस्तक दे दी है. इस वजह से लगभग रोजाना ही कहीं-न-कहीं पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं. वहीं, हर साल साइक्लोन भी मुंबई में बड़ी तबाही मचाकर जाता है. हाल ही में ताउते और यास तूफान ने मुंबई के मौसम को पूरी तरह से बदल दिया था. हर तरफ बारिश और तेज हवाएं चल रही थीं, जिसके चलते बड़ी संख्या में पेड़ों को नुकसान पहुंचा. इन सबके चलते बीएमसी ने अहम कदम उठाया है. बीएमसी ने मुंबई में पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिसमें उसने पेड़ों की देखरेख और उसका आकलन करने के लिए आर्बोरिस्ट (पेड़ों के सर्जन) को नियुक्त किया है. एक आर्बोरिस्ट पेड़ों का ठीक से अध्ययन करता है और पेड़ की वर्तमान स्थिति की जांच करता है.
aajtak.in