लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान ओडिशा की केंद्रपाड़ा लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद बैजयंत पांडा ने शशि थरूर का नाम वक्ताओं की लिस्ट में नहीं होने का उल्लेख कर कांग्रेस की चुटकी ली. बैजयंत पांडा जब बोल रहे थे, तब विपक्ष की ओर से किसी सदस्य ने कुछ कहा. इस पर उन्होंने कहा कि समझ कैसे आएंगी, ये गंभीर बातें हैं.
'मेरे मित्र शशि थरूर अच्छे वक्ता हैं'
उन्होंने कहा कि मजा तो तब आता, जब आपने भी फ्री हैंड दिया होता. बैजयंत पांडा ने कहा कि मेरे मित्र शशि थरूर अच्छे वक्ता हैं, लेकिन आपने उन्हें यहां बोलने का मौका नहीं दिया. मजा तो ये है कि राष्ट्रहित के लिए बोलने से उनको कोई रोक नहीं पाया. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ से लेकर फ्रांस और ईरान तक, ऑपरेशन सिंदूर के बाद देशों की ओर से बयान का जिक्र कर कहा कि यह गलत है कि कोई भारत के साथ नहीं आया.
गौरव गोगोई के सरेंडर वाले बयान पर पलटवार
बैजयंत पांडा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर रिएक्शन नहीं, मोदी डॉक्ट्रिन है. ये हमारी नीति में बदलाव का न्यू नॉर्मल है. उन्होंने गौरव गोगोई के सरेंडर वाले बयान पर पलटवार करते हुए पीओके से लेकर संयुक्त सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के प्रस्ताव और अक्साई चिन तक, कांग्रेस की सरकार के समय के घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने कई बार राष्ट्रीय हितों का सरेंडर किया. बैजयंत पांडा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर वो जवाब था, जिसमें दर्द भी था और संदेश भी.
'हमने सात डेलिगेशन दुनिया में भेजे थे'
उन्होंने कहा कि हमने सात डेलिगेशन दुनिया में भेजे थे, जिनमें से एक का पार्ट मैं भी था. हर देश ने पहलगाम हमले की निंदा की और भारत के साथ एकजुटता प्रदर्शित की. बैजयंत पांडा ने पीएम मोदी को कई देशों की ओर से सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने का जिक्र किया और कहा कि यह देश के लिए सम्मान की बात है. यह देश के लिए महत्वपूर्ण है. हमने मोदी सरकार की विदेश नीति का प्रभाव महसूस किया.
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